
जिला पदाधिकारी बक्सर श्री अमन समीर की अध्यक्षता में कोविड-19 संक्रमण के कारण लम्बे समय से बंद विद्यालयों/उच्च शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग संस्थानों को खोलने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया से संबंधित बैठक कार्यालय कक्ष में आहूत की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी महोदय ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 04.01.2021 (सोमवार) से राज्य सभी सरकारी/निजी विद्यालयें के 9वीं से 12वीं कक्षाओं तथा सभी विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष के कक्षाओं एवं सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को चालू करने का निर्णय लिया गया है। जिसमें प्रत्येक कक्षा में छात्रों की कुल क्षमता की 50 प्रतिशत उपस्थिति प्रथम दिन रहे तथा शेष 50 प्रतिशत की उपस्थिति दूसरे दिन रहे। इस प्रकार किसी भी कार्य दिवस पर किसी भी कक्षा में कुल क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति नहीं होगी। दिनांक 18.01.2021 के बाद शेष कक्षाओं को चालू करने का निर्णय शिक्षा विभाग बिहार सरकार द्वारा स्थिति का मूल्यांकन कर लिया जाएगा। शिक्षकों को कोविड संक्रमण के रोकथाम हेतु प्रशिक्षण शिक्षा विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा। इस हेतु निदेश अलग से निर्गत किया जाएगा। सभी सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को दो मास्क का वितरण जीविका के माध्यम से किया जाएगा। सभी कोचिंग संस्थानों को Staggering के आधार पर खोलने की सहमति इस शर्त पर देने का निर्णय लिया गया कि वे कोविड-19 के रोकथाम हेतु अपनायी जाने वाली प्रोटोकॉल का प्रस्ताव संबंधित जिला पदाधिकारी को समर्पित करेंगे। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आधार पर विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों को पुनः खोलने हेतु स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी सावधानी बरतने के लिए निम्न दिशा निदेश का पालन किया जाय। विद्यालय/उच्च शिक्षण संस्थान/कोचिंग संस्थान एवं उनके छात्रावास को खोलने के पूर्व की तैयारी :- शिक्षण संस्थान/विद्यालय कैम्पस एवं सभी भवन के कक्षाओं फर्नीचर उपकरण, स्टेशनरी, भंडारकक्ष, पानी टंकी, किचेन, वाशरूम, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी आदि की सफाई एवं विसंक्रमित कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। संस्थान/विद्यालय में हाथ सफाई की सुविधा क्रियाशील करना। डिजिटल थर्मोमीटर, सेनेटाइजर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करना। संस्थान/विद्यालय के परिवहन व्यवस्था आरंभ किए जाने के पूर्व सेनेटाइजेशन सुनिश्चित करना। विभिन्न टॉस्क टीम का गठन :- संस्थान/विद्यालय में आकस्मिक सुरक्षात्मक संबंधी तैयारी के लिए उतरदायी टीम का गठन करना जो संस्थान/विद्यालय के सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई, सामाजिक दूरी आदि के लिए उतरदायी बनाई जाय। इस टीम में विद्यार्थी/शिक्षक/विद्यालय शिक्षा समिति आदि के सदस्यों को भी उतरदायित्व दिया जाय। उच्च शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय/कोचिंग संस्थान में बैठने की व्यवस्था :- गाईड लाईन के अनुसार विद्यार्थी के बीच कम से कम छः फीट की दूरी के साथ बैठने की व्यवस्था की जाय यदि संस्थान/विद्यालय में एक सीट का बेंच-डेस्क हो तो इसे भी छः फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था की जाय। इसी प्रकार शिक्षक के स्टाफ रूम/कार्यालय/आगत कक्ष में भी छः फीट को भी विभिन्न वर्गों के अनुसार क्रमवार समय आवंटित करते हुए आने एवं जाने के लिए चिन्हित किया जाय। शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय/कोचिंग संस्थान के सभी गेट को आगमन एवं प्रस्थान के समय खुला रखा जाय ताकि एक जगह भीड एकत्रित न हो। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग अभिभावक/विद्यार्थी के लिए किया जाय। शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय के वर्ग कक्ष/बाहरी नोटिस बोर्ड/दिवाल आदि पर सामाजिक दूरी का पालन करने/मास्क लगाने/सेनेटाइजेशन/हाथ सफाई/यत्र-तत्र थूक फेंकने से प्रतिबंध के संबंध में मुद्रित पोस्टर का प्रदर्शन किया जाय। विभिन्न स्थलों यथा-आगंतुक कक्ष/हाथ सफाई स्थल/पेयजल केन्द्र/टॉयलेट के बाहर जमीन पर वृताकार चिन्ह छः फीट की दूरी पर निशान बनाया जाय। उच्च शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय/कोचिंग संस्थान की समय तालिका इस प्रकार से होगी – प्रत्येक कक्षा में छात्रों की कुल क्षमता की 50 प्रतिशत उपस्थिति प्रथम दिन रहे तथा शेष 50 प्रतिशत की उपस्थिति दूसरे दिन रहे। इस प्रकार किसी भी कार्य दिवस पर किसी भी कक्षा में कुल क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति नहीं होगी। वैसे शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय जिसमें नामांकन अधिक है को दो पाली में संचालित किया जाय तथा प्रत्येक शिफ्ट के समय की परिस्थिति अनुकूल कम किया जा सकता है। यदि वर्ग कक्ष का साईज छोटा हो तो कम्पयूटर रूम, लाईब्रेरी, प्रयोगशाला, आदि का भी उपयोग बैठने एवं छः फीट की दूरी का पालन करने हेतु उपयोग किया जा सकता है। उच्च शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय/कोचिंग संस्थान स्तर पर होने वाले आयोजन/बैठक के संबंध में :- शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय को वैसे आयोजन से बचना चाहिए जहाँ भौतिक/सामाजिक दूरी का पालन करना संभव न हों। समारोह/त्योहार आदि के आयोजन से संस्थान/विद्यालय को बचना चाहिए। शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय एसेम्बली कक्षा शिक्षक के दिशा-निर्देश में विद्यार्थी के कक्षाओं में ही अलग-अलग किया सकता है। जिसमें सामाजिक/भौतिक दूरी का पालन किया जा सके। यदि संभव हो तो अभिभावक-शिक्षक बैठक भर्चुअल किया जाय। नए कक्षा में नामांकन के समय केवल परिवार/अभिभावक को ही रखा जाय, बच्चों को अभिभावक के साथ आने से मुक्त रखा जाय। यदि संभव हो तो ऑनलाईन नामांकन संचालन करने की व्यवस्था की जाय। माता-पिता/अभिभावक से सहमति :- छात्र/छात्राओं के विद्यालय उपस्थिति के पूर्व माता-पिता/अभिभावक से सहमति लिया जाना चाहिए। यदि विद्यार्थी परिवार की सहमति से घर से ही अध्ययन करना चाहते है तो उन्हें अनुमति देनी होगी। ऐसे सभी विद्यार्थियों के अध्ययन संबंधी प्रगति का योजनाबद्ध तरीके से अनुश्रवण की व्यवस्था होना चाहिए। चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करना :- शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय या उसके नजदीक स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षक/नर्स/डॉक्टर/कॉउनसेलर की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाय जो छात्रों के शारीरिक एवं मानसिक स्थिति की जाँच हेतु उपलब्ध रहें। शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय के शिक्षक एवं छात्रों के नियमित स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था की जाय। उच्च शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय में उपस्थिति एवं अवकाश संबंधी नीति को पुनर्माषित किया जाय :- बीमारी संबंधी छुटी की नीति को लचीला बनाई जाय और ऐसे आवेदन पर उन्हें घर में रहने की अनुमति दी जाय। अधिकतम उपस्थिति के लिए पुरस्कार/मानेदय के हतोत्साहित किया जाय। अकादमिक कैलेन्डर को सभी कक्षाओं से संबंधित परीक्षा के लिए योजनाबद्ध किया जाय। विद्यालय खुलने के पूर्व सभी विद्यार्थियों को पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाय। सूचना संकलन :- सभी छात्र/अभिभावक/माता-पिता से उनके स्वास्थ्य संबंधी स्थिति/अद्यतन यात्रा (अंतराज्जीय/अंतराष्ट्रीय) से संबंधित स्वधोषणा पत्र लिया जाय। छात्रावास में सुरक्षित आवासन के संबंध में :- अलग-अलग बेड के लिए अस्थायी पार्टिशन की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय ताकि सामाजिक दूरी का पालन किया जा सके। छात्रावास में रहने के लिए वैसे छात्रों को प्राथमिकता दी जाय जिनके घर पर ऑनलाईन अध्ययन से संबंधित सुविधा का अभाव हो। उच्च कक्षा के छात्रों को प्राथिमकता दी जाय। छात्रावास में रहने के इच्छुक सभी छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी जाँच के पश्चात ही अनुमति दी जाय, क्योंकि ऐसे छात्र विभिन्न क्षेत्रों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर पहुँचेंगे जिससे संक्रमण की आशंका ज्यादा रहेगी। छात्रावास में सिर्फ आवश्यक स्टॉफ को छोड़कर अन्य के लिए निषिद्ध किया जाय। मेडिकल टीम के द्वारा छात्रावास के मेंस और किचेन का नियमित निरीक्षण किया जाय। छात्रावास में वाई-फाई कनेक्शन/केबुल कनेक्शन आदि की भी व्यवस्था सामाजिक दूरी रखते हुए किया जाय। उच्च शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय/कोचिंग संस्थान खोलने के बाद की तैयारी :- कैम्पस एवं आस पास के क्षेत्र में नियमित स्वास्थ्य एवं सफाई का पर्यवेक्षण की व्यवस्था की जाय। शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय का कैम्पस प्रतिदिन सफाई हो एवं जिस क्षेत्र की सफाई की गई है उसका अभिलेख संधारित किया जाय। ध्यान रहे कि संस्थान/विद्यालय की सफाई अभियान में विद्यार्थियों को नहीं लगाया जाय। पर्यावरणीय सफाई एवं शुद्धीकरण प्रक्रिया का पालन करते हुए अपशिष्ट पदार्थों के निस्तार, पेयजल एवं जल निकास का समुचित प्रबंध किया जाय। सामान्यतः छूए जोन वाले तल यथा – दरवाजे की कुंडी, डैशबोर्ड, डस्टर, बेंच-डेस्क आदि का निरंतर सफाई एवं सेनेटाईजेशन किया जाय। सभी अधिगम शिक्षण सामग्री का भी सेनेटाईजेशन किया जाय। कचरा का निस्तार डस्टबीन में किया जाना चाहिए यत्र-तत्र फेंकने से बचना चाहिए। डस्टबीन साफ एवं पूरी तरह ढका होना चाहिए एवं उचित जगह पर रखा जाना चाहिए। हाथ सफाई के स्थल पर साबुन एवं साफ पानी की उपलब्धता होनी चाहिए, इसके लिए एक कर्मी को उतरदायी बनाई जाय। बाथरूम एवं शौचालय को नियमित अंतराल पर सफाई एवं विसंक्रमित किया जाना सुनिश्चित किया जाय। साफ पीने की पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही विद्यार्थियों को घर से पानी बोतल लाने हेतु प्रोत्साहित किया जाय। संस्थान/विद्यालय खोलने के पूर्व एवं बंद होने के बाद उचित सेनेटाईजेशन की व्यवस्था किया जाय। विद्यार्थियों को उच्च शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय/कोचिंग संस्थान में सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था :- सभी विद्यार्थी एंव शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय/कोचिंग संस्थान के कर्मी जो कार्य पर आयेंगे उन्हें नियमित रूप से फेस कवर/मास्क पहनने का निदेश दिया जाय। विशेषकर उस समय जब वे क्लास मे हो या समुह मे कोई कार्य कर रहे हों या मेंस में खाना खा रहे हों या प्रयोगशाला में कार्य कर रहे हों या पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे हों। बच्चों को परस्पर एक दूसरे का मास्क अदला-बदली नहीं करने का निदेश दिया जाय। जहाँ तक संभव हो शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय को सम्पर्क विहीन उपस्थित पद्धति, ऑनलाईन प्रस्तुति प्रक्रिया को अपनाया जाय। सभी बच्चों को नाक, आँख, कान, मुँह आदि छुने से बचने एवं कफ सर्दी, बुखार आदि के बारे में जानकारी दी जाय। यत्र-तत्र थूकने से प्रतिबंधित किया जाय। सभी सफाई स्टॉफ/वर्कर के लिए आवश्यक उपकरण यथा- गलब्स, फेस कभर, हाथ धोने का साबुन की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाय। विद्यार्थियों को घर से ही पका-पकाया पौस्टिक खाना लाने कहा जाय तथा भोजन का साझा नहीं किया जाय। बाहरी भेंडर को शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय के अंदर खाद्य सामग्री की बिक्री को रोका जाय। विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था :- शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय परिवहन की बसों को प्रतिदिन दो बार (एक बार बच्चों को लाने के पहले एवं दूसरी बार स्कूल से प्रस्थान के पूर्व) सेनेटाइज किया जाय। शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय बस के चालक/उप चालक को सभी समय सामाजिक दूरी एवं भौतिक दूरी बनाए रखने हेतु कहा जाय। यदि आवश्यक हो तो सामाजिक दूरी का पालन किया जाय। जहाँ तक संभव हो बस पर चढने के समय सभी बच्चों का थर्मल स्क्रीनिंग किया जाय। बगैर मास्क के किसी को भी बस पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाय। बस के सभी खिडकियों में पर्दा नहीं रखा जाय। सभी खिडकियाँ खुली रहनी चाहिए। वातानुकूलित बसों के लिए CPWD द्वारा निर्गत गाईड लाइन के अनुसार 24 से 30 डिग्री सेल्सियस एवं सापेक्ष आद्रता 40 से 70 प्रतिशत होनी चाहिए। विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से सतह छूने से बचने के लिए कहा जाना चाहिए और बस मे हेन्ड सेनेटाइजेशन की व्यवस्था होनी चाहिए।