मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज वामन द्वादशी के पावन अवसर पर बक्सर स्थित वामन भगवान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर वामनेश्वर धाम मंदिर प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया। जिलाधिकारी श्रीमती साहिला ने वामनेश्वर धाम के प्रस्तावित विकास कार्यों के लेआउट प्लान के माध्यम से मंदिर परिसर में कराए जाने वाले विकास कार्यों के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने वामनेश्वर धाम के विकास एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बक्सर से भागलपुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जायेगा, इस ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेस-वे का नाम विश्वामित्र पथ’ रखा जायेगा। यह एक्सप्रेस-वे बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, जमुई, बांका एवं भागलपुर को जोड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने बक्सर के ज्योति चौक के समीप कटहिया पुल से सोन नहर कैनाल का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से कैनाल की वर्तमान स्थिति एवं उपयोगिता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सोन नहर के पानी को कैनाल में रोकने के लिए वियर का निर्माण कराया जाए, ताकि इसका उपयोग सिंचाई सहित अन्य कार्यों में प्रभावी ढंग से किया जा सके।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बक्सर सदर प्रखंड के चुरामनपुर स्थित पंचायत सरकार भवन परिसर में जीविका भवन का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने जीविका भवन का निरीक्षण किया तथा सिलाई केंद्र में कार्यरत महिलाओं से बातचीत कर उनके कार्य एवं आमदनी की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने करीब 92 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पंचायत सरकार भवन परिसर में जीविका समूह, सहयोग शिविर, विद्यार्थी सहयोग शिविर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने लाभुकों को मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना से संबंधित सांकेतिक चेक, आयुष्मान कार्ड तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से संबंधित सांकेतिक चेक प्रदान किए।