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देशी डिप्लोमाधारी बनेंगे कृषि इनपुट बिक्रेता
आत्मा द्वारा देशी के एक वर्षीय षष्ठम बैच का प्रशिक्षण का आयोजन
बक्सर: कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण(आत्मा),बक्सर अब खेती-बाड़ी के दुकानदारों को हाईटेक बनाने की कवायद शुरु कर दी है। संयुक्त कृषि भवन,बक्सर के प्रांगण में दिनांक 06 फरवरी को देशी कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि सरकार की मंशा है कि अब आगामी दिनों में देशी डिप्लोमाधारी व कृषि तथा विज्ञान में स्नातक व्यक्ति ही उर्वरक, कीटनाशक व बीज का दुकान खोल सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान व्यवस्था में स्थानीय अप्रशिक्षित डीलर किसानों को गलत तरीके से कीटनाशक,तृणनाशक,फंगीनाशक का फसलों में व्यवहार कराकर फसल को बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने मौके पर प्रशिक्षण प्राप्त कर इनपुट डिलरों को चेताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणोपरांत मैनेज हैदराबाद के प्रतिनिधि की उपस्थिति में परीक्षा लिया जायेगा, उस परीक्षा में उतीर्ण तथा शत् प्रतिशत उपस्थिति दर्ज व्यक्तियों को ही प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।
देशी है क्या: इनपुट डीलरों के लिए कृषि विस्तार सेवाओं में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम, जिसको संक्षिप्त रुप में देशी नाम दिया गया है। पाठ्यक्रम की रुपरेखा भारत सरकार की संस्था मैनेज, हैदराबाद द्वारा तैयार की गयी है जिसे देश के सभी राज्यों में संचालित किया जाना है। इस पाठ्यक्रम में बीज, उर्वरक व कीटनाशक सम्बंधी सभी आधारभूत जानकारी समाहित है जिसे इनपुट डीलरों के बीच साप्ताहिक पढ़ाई करायी जायेगी। प्रति वर्ष 40 इनपुट डीलरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित है।
शुल्क निर्धारण: देशी पाठ्यक्रम हेतु बीस हजार रुपये शुल्क निर्धारित है जिसे दो मोड यथा कृषि विभाग द्वारा निबंधित डीलर तथा स्वतंत्र व्यवसायी में वर्गीकृत किया है। निबंधित डीलर को दस हजार तथा अनिबंधित लोगों को बीस हजार शुल्क डिमांड ड्राफ्ट के रुप में जमा कराने होंगे।
पाठ्यक्रम आयोजन की जवाबदेही: इस पाठ्यक्रम को संचालित करने हेतु आत्मा को नोडल एजेंसी नामित किया गया है, जिसके देखरेख में देशी कोर्स संचालित होगा। इनपुट डीलरों की सूची जिला कृषि पदाधिकारी, आत्मा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को उपलब्ध करायेंगे तत्पश्चात आत्मा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर इनपुट डिलरों हेतु के.वी.के. या अन्य स्त्रोत से सुसज्जित पाठशाला चलायेंगे। हालाॅंकि सरकार के राज-पत्र के अनुसार कृषि, विज्ञान में स्नातक लोगों को देशी पाठ्यक्रम की जरुरत नहीं होगी। आत्मा के परियोजना निदेशक-सह-जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि देश पाठ्यक्रम के लिए फैसीलीटेटर के तौर पर राम गोपाल पाण्डेय का नियोजन किया गया है। फैसीलीटेटर पाण्डेय की देखरेख में देशी के सम्पूर्ण कक्षाओं का संचालन, क्वीज परीक्षा, मीड टर्म परीक्षा का आयोजन होगा। मौके पर फैसीलीटेटर रामगोपाल पाण्डेय, उप परियोजना निदेशक बेबी कुमारी, सहायक निदेशक,रसायन वसुंधरा, सहायक भूमि संरक्षण पदाधिकारी रामदयाल सिंह, आत्माकर्मी विकास कुमार राय, त्रिपुरारीशरण सिन्हा, दीपक कुमार, सत्येन्द्र राम, चंदन कुमार सिंह सहित सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।

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