
कोइलवर में सोन नदी पर बने अपस्ट्रीम पुल लोकार्पण समारोह को संबोधित करते केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे
जाम से मिलेगी मुक्ति, बक्सर पटना आवागमन होगा सुगम: केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे
प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री एवं मुख्यमंत्री का जताया आभार
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि एनएच 30 के कोईलवर में सोन नदी पर बने अपस्ट्रीम पुल के लोकार्पण से पटना से बक्सर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सुगम संपर्क स्थापित हो जाएगा। यहां पर लगने वाली जाम से मुक्ति मिलेगी। रोजगार के नए अवसरों का भी सृजन होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे 266 करोड़ रुपए की लागत से एनएच-30 के कोइलवर में सोन नदी पर बने अपस्ट्रीम पुल के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास रोजगार सृजन में राजमार्गों एवं पुलों का विशेष स्थान होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ विभिन्न नदियों पर पुल का निर्माण कर यातायात को सुगम बनाने का लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए सवा लाख करोड़ रुपए पैकेज की घोषणा की थी। इसमें राष्ट्रीय राजमार्गों एवं पुलों पर विशेष ध्यान दिया गया था। इस कड़ी में लगातार राजमार्गों, पुलों का शिलान्यास एवं लोकार्पण आदि हो रहा है। इससे बिहार में आवागमन की सुविधा आसान हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोईलवर पुल से दक्षिण बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सुगम संपर्क स्थापित होगा। साथ ही स्वर्णिम चतुर्भुज और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते राज्य का देश के अन्य हिस्सों से सीधा जुड़ा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शाहाबाद का क्षेत्र कृषि बहुल्य है। किसानों को पटना कृषि उपज एवं अन्य स्थानीय उत्पादों को बेचने के लिए बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही समय और ईंधन की भी बचत होगी। इसका पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का विसर्जन होगा। दक्षिण और मध्य बिहार के शहरों जैसे पटना, आरा, बक्सर, छपरा आदि के बीच सुगम यातायात होगा। शहर के विभिन्न हिस्सों में निर्माण सामग्री जैसे गिट्टी बालू आदि की धुलाई में सुविधा होगी।