चरित्रवन स्थित श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर में त्रिदंडी स्वामी जी की पुण्यतिथि पर गुरुवार से श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।जिसमे गंगा नदी से जलभरी कर शोभायात्रा निकाली गई।उपस्थित श्रद्धालुओं के जयकारों से क्षेत्र गुंजयमान रहा। कथा के पहले दिन अनन्त विभूषित जगद्गुरु रामानुजाचार्य पुष्कर पीठाधीश्वर स्वामी आरामचंद्राचार्य जी महाराज के मुखारविंद से कथा का रसपान श्रोताओं ने किया। इन्होंने व्यासपीठ से कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से लोग पुण्य के भागी बनते है।इस दौरान बक्सर के महात्म्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बड़ा तीर्थ कही नही है। भगवान के चरण जिस धरती पर पड़े हो उसकी महता काफी है। इससे पहले पूजा अर्चना किया गया।जिसमे श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर के स्वामी राजगोपालाचार्य जी महाराज त्यागी स्वामी जी सहित अन्य विद्वान पंडित उपस्थित रहे। यह कथा दो बजे दिन से छह बजे शाम तक चलेगी। इसका समापन सात दिसंबर को पूजन हवन व भव्य भंडारा के साथ किया जाएगा।श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का आयोजन श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज की पावन पुण्यतिथि पर किया गया है।कथा सुनने को काफी भीड़ लगी रही।