Fri. Apr 17th, 2026

माननीय पटना उच्च न्यायालय, पटना एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह बातें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह- अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बक्सर हर्षित सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग प्रशिक्षण के दौरान कार्यक्रम में कहीं। मौके पर वर्षा पांडेय

आर्ट ऑफ़ लिविंग फैकल्टी, लाइफ कोच, सोशल एक्टिविस्ट, बक्सर के द्वारा बक्सर में कार्यरत सभी न्यायिक पदाधिकारी, न्यायिक कर्मचारी, जिला प्राधिकार के कर्मचारी, पैनल अधिवक्ता एवं पारा विधिक स्वयंसेवक सभी को योग का प्रशिक्षण दिया गया। योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन व्यवहार न्यायालय, बक्सर में की गई। मौके पर , प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह- अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बक्सर द्वारा उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए कहा की भारत को योग गुरु कहा जाता है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग लाभकारी है। योग का अभ्यास शरीर को रोगमुक्त रखता है और मन को शांति देता है। भारत में ऋषि मुनियों के दौर से योगाभ्यास होता आ रहा है। योग हमारे भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, जिसका प्रसार अब विदेशों तक हो रहा है। विदेशों तक योग के प्रसार का श्रेय योग गुरुओं को जाता है। भारतीय योग गुरुओं ने विदेशी जमीन पर भी योग की उपयोगिता और महत्व के बारे में लोगो को जागरूक करने का कार्य किया है। आज दुनियाभर में योग को लोग अपने जीवन में शामिल कर रहे हैं और योगासनों के अभ्यास से स्वस्थ मन और तन की प्राप्ति का प्रयास कर रहे हैं। योग की इसी उपयोगिता से सभी को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाया जाता है। योग दिवस को मनाने के लिए एक दिन सुनिश्चित किया गया, जो कि 21 जून है। 21 जून को योग दिवस के तौर पर मनाने की वजह भी है। इस तारीख को उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है। जिसे ग्रीष्म संक्रांति कहते हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन होता है। सूर्य दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए असरदार है। इस कारण प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। अवर न्यायाधीश -सह- जिला प्राधिकार, बक्सर के सचिव नेहा दयाल ने कहा कि – “योगा फॉर वन अर्थ, वनहेल्थ” 21 जून 2025 को 11वां अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की थीम पर मनाया जा रहा है l वहीं डुमरांव अनुमंडल न्यायालय में भी अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक द्वारा उपस्थित सभी व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमे अवर न्यायाधीश गौरी शंकर, विनीत कुमार सिंह एव अन्य साथ ही पैनल अधिवक्ता धनिक सिंह एवम अन्य सभी न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे । मौके पर व्यवहार न्यायालय, बक्सर परिसर में आयोजित योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, मनोज कुमार प्रथम, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, मनीष कुमार शुक्ला, सुधेश कुमार श्रीवास्तव, अनुपम कुमारी, संदीप कुमार सिंह, देवराज, सुनील कुमार सिंह, एवं अन्य सभी न्यायाधीश, कार्यालय कर्मचारी, सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, सुमित कुमार, सुनील कुमार, मनोज कुमार, अकबर अली वहीं न्यायिक कर्मचारी, राजीव कुमार, संजय कुमार, संतोष कुमार द्विवेदी, कृष्णा कुमार, अमरेंद्र भारती, कौसलेंद्र कुमार ओझा, अनिल कुमार, संदीप कुमार, आशीष कुमार, राजकुमार रजक, ओमप्रकाश आदि, विधिक सहायता प्रतिरछा प्रणाली, बक्सर के मुख्य अधिवक्ता विनय कुमार सिन्हा, डिप्टी चीफ, संजय कुमार चौबे, कुमार मानवेंद्र वहीं सहायक आकाश श्रीवास्तव, विकास यादव, अभिनव वशिष्ट, पैनल अधिवक्ता , चंद्रकला वर्मा, राजेश कुमार, एवं अन्य, पारा विधिक स्वम सेवक, सोनू कुमार कानू, अंजुम कुमार रावत, नीतू कुमारी, रुकैया, प्रेम प्रकाश पाठक आदि मौजूद रहें।

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