उप विकास आयुक्त बक्सर डॉ महेंद्र पाल की अध्यक्षता में जल जीवन हरियाली से संबंधित बैठक समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में की गई।*
*बिहार को सुंदर हरित और स्वच्छ बनाने तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से कारगर ढंग से निपटने, पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखना, पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने, वन आच्छादन को बढ़ावा देने, नवीकरणीय ऊर्जा की बचत पर बल देने तथा बदलते पारिस्थितिकीय परिवेश के अनुरूप कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए 11 अवयवों की कार्य योजना तैयार कर दिनांक 2 अक्टूबर 2019 से राज्य में जल जीवन हरियाली अभियान की शुरुआत की गई।*
*जल जीवन हरियाली अभियान के अवयव:- सार्वजनिक जल संचयन संरचना को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त करना, सार्वजनिक जल संरचनाओं यथा तालाबों, पोखरों, आहरों, पइनो का जीणोधार, सार्वजनिक कुओं को चिन्हित कर उनका जीणोधार, सार्वजनिक कुओं, चापाकलो के किनारे सोख्ता, अन्य जल संरचना का निर्माण, छोटी-छोटी नदियों नलों में एवं पहाड़ी क्षेत्र के जल संग्रहण क्षेत्र में चेक डैम एवं जल संचयन की अन्य जल संरचनाओं का निर्माण, नए जल स्रोतों का सृजन एवं अधिशेष नदी क्षेत्र से जल की कमी वाले क्षेत्रों में जल ले जाना, भवनों में छत वर्षा जल संचयन की संरचनाओं का निर्माण, पौधशाला सृजन एवं सघन वृक्षारोपण, वैकल्पिक फसलों, टपकन सिंचाई, जैविक खेती एवं अन्य तकनीकों का उपयोग सौर ऊर्जा उपयोग को प्रोत्साहन एवं ऊर्जा की बचत एवं जल जीवन हरियाली जागरूकता अभियान शामिल है।