
पराली जलाने वालों पर हुई बड़ी कार्रवाई
सीआरपीसी की धारा 133 के अंतर्गत कार्रवाई हेतु की गई अनुशंसा
बक्सर: पराली जलाना मिट्टी एवं स्वास्थ दोनों के लिए गंभीर मामला है, परंतु जिले के किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा किसानों के हीत में पराली जलाने से होने वाले नुकशान को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया, समाचार-पत्र इत्यादि के माध्यम से किसानों से संदेश पहुॅंचाया जा रहा है, परंतु किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे किसानों को चिन्हित कर सीआरपीसी की धारा 133 के अंतर्गत कार्रवाई प्रारम्भ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में सात किसानों पर सीआरपीसी की धारा 133 के अंतर्गत कार्रवाई करने हेतु अनुमंडल पदाधिकारी को अनुषंसा कर दिया गया है। कृषि समन्वयक द्वारा आगे भी पराली जलाने में संलिप्त किसानों का नाम कृषि विभाग को उपलब्ध कराया जायेगा, तो वैसे किसानों पर भी सीआरपीसी की धारा 133 के अंतर्गत कार्रवाई जारी रहेगी। जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने किसानों से अपील की कि पराली जलाने से मिट्टी का बंजर होना, तापमान में अत्यधिक वृद्धि, मानव स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव इत्यादि परिणाम सामने आ रहा है। इस पर किसानों को गंभीर चिंतन कर स्वयं के साथ-साथ अन्य किसानों को भी पराली जलाने से रोकना होगा, तभी हम भविष्य में होने वाले खतरे को रोक सकते हैं। जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी कृषि समन्वयकों को निर्देश दिया कि सभी कर्मी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर पराली जलाने से रोके। इसके बावजूद जो किसान पराली जला रहे हैं, उनका नाम कृषि विभाग को उपलब्ध करायें ताकि अविलंब सीआरपीसी की धारा 133 के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई की जा सके। जिला कृषि पदाधिकारी ने यहाॅं तक कहा कि औचक निरीक्षण के दौरान जिस क्षेत्र में पराली जलाने का मामला संज्ञान में आया एवं सम्बंधित क्षेत्र में कृषि समन्वयक द्वारा अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो सम्बंधित पंचायत के कृषि समन्वयक पर भी कार्रवाई की जायेगी।