
संतुलित उर्वरक के प्रयोग हेतु ग्रामस्तरीय मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला की स्थापना
जिला कृषि पदाधिकारी एवं सहायक निदेशक,रसायन द्वारा ग्रामस्तरीय मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला का जाॅंच किया गया
ग्रामीण युवाओं के स्वरोजगार के लिए ग्राम स्तर पर मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है। ग्राम स्तर पर मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला की स्थापना हो जाने से एक तरफ जहाॅं ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का सृजन होगा, वहीं दूसरी तरफ किसानों को अपने गाॅंव या गाॅंव के नजदीक मिट्टी जाॅंच कराने हेतु लैब उपलब्ध हो जायेगा। इस बाबत दिन मंगलवार को जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार एवं सहायक निदेशक,रसायन द्वारा संयुक्त रुप से सिकठी स्वावलम्बी सहकारी समिति लिमिटेड में स्थापित मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला का जाॅंच किया गया। डीएओ श्री मनोज कुमार ने बताया कि जिलास्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा राजपुर प्रखंड के सिकठी ग्राम में जिले का प्रथम ग्रामस्तरीय मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला का चयन किया गया है। इस प्रयोगशाला का संचालन सिकठी स्वावलम्बी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इक्छुक किसान अपने खेतों की मिट्टी की जाॅंच स्थानीय केन्द्र पर करा सकते हैं।
क्या है ग्रामस्तरीय मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला: विभाग द्वारा इस योजना के अंतर्गत पाॅंच लाख रुपये की लागत पर ग्राम स्तर पर स्वरोजगार के उदेश्य से ग्रामस्तरीय मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला की स्थापना करना है। इस योजना में चयनित लाभार्थी को लागत का 75 प्रतिशत अनुदान विभाग द्वारा दिया जायेगा, शेष 25 प्रतिशत लाभुक का अंशदान होगा। चयनित लाभार्थी कम से कम चार वर्षो तक मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला का सुचारु रुप से संचालन करेंगे।
प्रयोगशाला के लाभ: खेतों के मिट्टी की जाॅंच बहुत आवश्यक है। अधिक उपज प्राप्त करने के लिए किसान मिट्टी के स्वास्थ्य का ध्यान रखे बगैर अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं, जिसके कारण एक ओर जहाॅं दिनों दिन मिट्टी का स्वास्थ खराब हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। अनावश्यक रासायनिक उर्वरकों के क्रय के कारण कृषि का लागत मूल्य भी बढ़ रहा है।
12 पैरामीटर पर होगा मिट्टी का जाॅंच: सहायक निदेशक,रसायन ने बताया कि मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला में 12 पैरामीटर पर मिट्टी का जाॅंच किया जायेगा। इन पैरामीटर में पीएच, ईसी, नाइट्रोजन, फाॅस्फोरस, पोटाश, काॅपर, आयरन, मैगनीज, जस्ता, आॅर्गेनिक कार्बन, बोराॅन तथा सल्फर शामिल हैं।