
PATNA: बिहार(BIHAR) में मौसम के बढ़ते तापमान के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में काफी गहमागहमी है. बुधवार को बीजेपी ने विकासशील इनसान पार्टी के तीनों विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया. इससे वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी अब बिना विधायक वाली पार्टी के नेता रह गए हैं.हालांकि मुकेश सहनी बिहार में पशु एवं मतस्य संसाधन मंत्री हैं. लेकिन इस राजनीतिक हलचल के बाद वो पद पर बने रहेंगे या नहीं इसको लेकर उन्होंने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है. मुकेश सहनी का कहना है कि वे राज्य सरकार में मंत्री रहेंगे या नहीं, इसका फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को करना है. मुझे रखने या हटाने का विशेषाधिकारी मुख्यमंत्री के पास है. मेरा काम संघर्ष करना है और मैं वह करता रहूंगा.इसके अलावा मुकेश सहनी ने कहा कि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है. वे संघर्ष करेंगे. इससे पहले बीजेपी ने जेडीयू के छह विधायकों को तोड़ा था. हमारे चार विधायक गए हैं तो हम 40 जीतेंगे. हम राजनीति में पद की लालसा लेकर नहीं आए हैं. अति पिछड़ा और निषाद आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे.बता दें कि वीआईपी के तीनों विधायक मिश्री लाल, स्वर्णा सिंह और राजू सिंह के बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इसके बाद मुकेश सहनी ने कहा कि वो तीन विधायकों के जाने के बाद और मजबूती के साथ अपनी मुहिम को आगे बढ़ाएंगे.बता दें कि मुकेश सहनी यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के समय से ही बीजेपी पर लगातार हमलावर थे. उन्होंने यूपी में बीजेपी को हराने के लिए काफी मेहनत की, लेकिन उनको सफलता नहीं मिली. अब बिहार विधान परिषद उपचुनाव में बीजेपी की सीट और बोचहां विधानसभा सीट के लिए उन्होंने बीजेपी को फिर से परेशान कर रखा था. इसी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि बीजेपी भी चुप नहीं बैठेगी. हुआ भी वही अब मुकेश सहनी बिना विधायक वाली पार्टी के नेता रह गए हैं।