
17 मई 1912 को विधिवत संस्थापित बक्सर न्यायालय 17 मई 2022 को 110 वर्ष पूरा कर लेगा। बक्सर न्यायालय 111 वें वर्ष में प्रवेश कर जाएगा। न्यायिक प्रक्षेत्र में इस न्यायालय का अपना अप्रतिम इतिहास रहा है। वरीय अधिवक्ताओं ने बताया कि 1685 में स्थापित शाहाबाद जिला अंतर्गत 1857 में निर्मित बक्सर अनुमंडल के मुख्यालय स्थित पुरानी कचहरी परिसर में 17 मई 1912 को बक्सर कोर्ट की विधिवत स्थापना की गयी। उद्घाटन समारोह में भारत के संविधान को गढ़ने वाले डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा बतौर मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद थे। उस वक्त बक्सर अनुमंडल के अंग्रेज एसडीओ डब्लू एच हेराल्ड ने बक्सर कोर्ट की स्थापना संबंधित नोटिफिकेशन को प्रस्तुत किया था।तब जिले के तीन वकीलों बाबू हरध्यान सिंह, केदार ओझा और पल्टू बाबू से शुरु हुआ सफर आज जिला न्यायालय में लगभग दो हजार अधिवक्ताओं तक पहुंच चुका है। इसमें करीब एक सौ से अधिक महिला अधिवक्ता हैं। वरीय अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि 17 मार्च 1991 को बक्सर अनुमंडल को जिला का दर्जा प्राप्त हुआ और 11 दिसंबर 1992 को जिला मुख्यालय बक्सर के सिविल कोर्ट प्रांगण में जिला एवं सत्र न्यायालय का विधिवित उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बिमल चंद्र बसाक ने किया। इसके पूर्व सिविल कोर्ट, बक्सर में 7 फरवरी 1974 को सब जज कोर्ट का विधिवत उद्घाटन पटना हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एनएल ऊंटवालिया ने किया था। आज व्यवहार न्यायालय परिसर में कुटुम्ब न्यायालय, स्थायी लोक अदालत, जुबेनाइल कोर्ट के अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संरक्षण में उभय पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए मध्यस्थता केंद्र भी जिला जज की देखरेख व संरक्षण में संचालित है। बक्सर न्यायालय05:55AM 16.05.2022बक्सर, हिन्दुस्तान संवाददाता। 17 मई 1912 को विधिवत संस्थापित बक्सर न्यायालय 17 मई 2022 को 110 वर्ष पूरा कर लेगा। बक्सर न्यायालय 111 वें वर्ष में प्रवेश कर जाएगा। न्यायिक प्रक्षेत्र में इस न्यायालय का अपना अप्रतिम इतिहास रहा है। वरीय अधिवक्ताओं ने बताया कि 1685 में स्थापित शाहाबाद जिला अंतर्गत 1857 में निर्मित बक्सर अनुमंडल के मुख्यालय स्थित पुरानी कचहरी परिसर में 17 मई 1912 को बक्सर कोर्ट की विधिवत स्थापना की गयी। उद्घाटन समारोह में भारत के संविधान को गढ़ने वाले डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा बतौर मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद थे। उस वक्त बक्सर अनुमंडल के अंग्रेज एसडीओ डब्लू एच हेराल्ड ने बक्सर कोर्ट की स्थापना संबंधित नोटिफिकेशन को प्रस्तुत किया था।तब जिले के तीन वकीलों बाबू हरध्यान सिंह, केदार ओझा और पल्टू बाबू से शुरु हुआ सफर आज जिला न्यायालय में लगभग दो हजार अधिवक्ताओं तक पहुंच चुका है। इसमें करीब एक सौ से अधिक महिला अधिवक्ता हैं। वरीय अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि 17 मार्च 1991 को बक्सर अनुमंडल को जिला का दर्जा प्राप्त हुआ और 11 दिसंबर 1992 को जिला मुख्यालय बक्सर के सिविल कोर्ट प्रांगण में जिला एवं सत्र न्यायालय का विधिवित उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बिमल चंद्र बसाक ने किया। इसके पूर्व सिविल कोर्ट, बक्सर में 7 फरवरी 1974 को सब जज कोर्ट का विधिवत उद्घाटन पटना हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एनएल ऊंटवालिया ने किया था। आज व्यवहार न्यायालय परिसर में कुटुम्ब न्यायालय, स्थायी लोक अदालत, जुबेनाइल कोर्ट के अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संरक्षण में उभय पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए मध्यस्थता केंद्र भी जिला जज की देखरेख व संरक्षण में संचालित है।