
हरितालिका तीज व्रत 9 सितंबर 2021 गुरुवार को है
Pro.mukteshwar.tiwari
सनातन धर्म में स्त्रियों के सौभाग्य का प्रतीक पर्व हरितालिका तीज 9 सितंबर गुरुवार को मनाई जाएगी। तपस्या के रूप में किया जाने वाला यह कठिन व्रत दांपत्य जीवन को अक्षुण बनाता है। एवं कन्याओं को उत्तम जीवन साथी प्राप्त करने में सहायक बनता है ।
तृतीया तिथि का प्रारंभ 9 सितंबर को प्रातः 3:59 से प्रारंभ होकर रात्रि 2:13 तक रहेगा।
सनातन धर्म के अनुसार हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है. इस बार ये व्रत 9 सितंबर, गुरुवार को है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए ये व्रत रखती हैं. वहीं कुंवारी कन्याएं मन चाहा वर पाने के लिए ये व्रत रखती हैं. अगर आप हरतालिका तीज का व्रत पहली बार रख रही हैं तो इसके कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है. इस व्रत में की गई गलतियों की सजा अगले जन्म में भोगने को मिलती हैं.
हरतालिका तीज का व्रत रखने वाली प्रत्येक महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे रात को सोए नहीं. इस व्रत में रात भर जागरण किया जाता है और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती हैं. कहते हैं कि अगर कोई व्रत के दिन सो जाता है, तो वे अगले जन्म में अजगर के रूप में जन्म लेती है.
2. ऐसी मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत निर्जला और निराहार किया जाता है. अगर इस दिन कोई महिला फल खा लेती है, तो उसे अगले जन्म में वानर का जन्म मिलता है.
3. धार्मिक मान्यता है कि अगर आपने हरतालिका व्रत एक बार शुरू कर दिया, तो इसे आप छोड़ नहीं सकते. हरतालिका तीज का व्रत आपको हर साल रखना पड़ेगा और पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है.
4. इस व्रत के दौरान अगर जल ग्रहण कर लिया जाए, तो अगले जन्म में मछली का जन्म मिलता है.
5. व्रत करने वाली महिलाएं इस दिन खुद को क्रोध से दूर रखें. कहते हैं हरतालिका तीज के व्रत में महिलाओं को खुद पर संयम रखना चाहिए. क्रोध बिल्कुल नहीं करना चाहिए.
6. हरतालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं को ध्यान रखना चाहिए कि वे बुजुर्गों का खास ख्याल रखें. इतना ही नहीं, अपने से बड़ों या छोटों के साथ अपशब्द का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.
7. व्रत के दिन पति से झगड़ा करना भी नहीं करना चाहिए. हो सके तो विवादों की बातों को ज्यादा तूल न दें और बातों को इग्नोर करें. बाद में मिल बैठकर प्यार से बातों को सुलझा लें.
🙏 प्रोफेसर मुक्तेश्वर नाथ शास्त्री🙏