वर्ष 2025 की चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 1673 एक हजार छ: सौ तीहत्तर मामले
– वाद के निपटारा के लिए बनाए गए थे, कुल तेरह बेंच।
– 04 करोड़ 02 लाख 37 हजार 04 सौ 06 रुपए की समझौता राशि के मुकदमों का सुलह के आधार पर निपटारा कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के तत्वावधान में आज शनिवार 13 दिसंबर 2025 को वर्ष 2025 की चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय श्री हर्षित सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर, श्री मनोज कुमार, प्रथम, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, अवर जिला पदाधिकारी, बक्सर , अवर पुलिस अधीक्षक एवम उपस्थित मंचासीन पदाधिकारी और श्रीमती नेहा दयाल, अवर न्यायाधीश -सह- सचिव, जिला प्राधिकार, बक्सर, प्रवीण कुमार सिंह श्रींनेत्, अध्यक्ष, स्थाई लोक अदालत, बक्सर, विनय कुमार सिंहा, मुख्य अधिवक्ता, विधिक सहायता प्रतिरक्षा प्रणाली, बक्सर और उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत उदघाटन किया। मौके पर, सचिव बिंदेश्वरी पांडे सचिव, जिला अधिवक्ता संघ एवं व्यवहार न्यायालय के सभी न्यायिक पदाधिकारी व कार्यालय कर्मचारी मौजूद रहे। इस मौके पर मंच का संचालन विष्णु दत्त द्विवेदी, पैनल अधिवक्ता, बक्सर ने कियाl लोक अदालत पूर्वाहन समय दस बजे शुरू की गई। समाचार लिखे जाने तक चल रहे इस राष्ट्रिय लोक अदालत में विभिन्न वाद के 1673 मामले का निपटारा कराया गया।
इस दौरान अपने संबोधन में श्री हर्षित सिंह, प्रधान जिला एव सत्र न्यायाधीश -सह- अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर ने कहा कि, लोक अदालत सुलभ और एक ही दिन में मुकदमे के निपटारे का सुलभ रास्ता है। इसमें ना कोई पक्ष जीतता है, ना ही कोई पक्ष हारता है इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है। कोई भी व्यक्ति अपने वाद का निपटारा सुलह समझौते के माध्यम से करा सकता है। लोक अदालत में आने वाले वाद के सभी पक्षकारों को लोक अदालत पर मैं स्वागत करता हूं और आशा करता हूं कि सुलह के आधार पर अपने-अपने वादों का निष्पादन वे करवाएंगे। मौके पर उपस्थित नेहा दयाल सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली, के निर्देश पर इस अवसर को हम लोग एक राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाते हैं। वाद के दोनों पक्षकार स्थानीय न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में अपने- अपने वादों को लेकर दौड़ते रहते हैं और उनके मुकदमे का निपटारा नहीं होता। यदि अपने मुकदमों का निपटारा करवाना चाहते हैं तो सीधे लोक अदालत में आए और एक ही दिन में अपने वादों का निपटारा सुलह के आधार पर करवाए। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन इस उद्देश्य से ही किया जाता है कि व्यवहार न्यायालय पर बढ़ रहे मुकदमों के बोझ को कम किया जा सके। साथ में लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना है। उन्होंनें कहा कि लोक अदालत जनता की अदालत है। जिसमे आपकी सहमति से ही आप के द्वारा किया गए मुकदमो को सुलह के आधार पर निपटारा करवाया जाता है। दोनो पक्षों के सुलह होने पर अवार्ड बनता है, जिससे दोनो पक्षो को दिया जाता है, और एक कॉपी न्यायालय में भी रखा जाता है।
इस अवसर पर कार्यालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बक्सर द्वारा एक नेत्र जांच सिविर भी लगाया गया l जिसमें डॉक्टरों की टीम ने उपस्थित सभी लोगों का एवं आए हुए आम जनमानस मे जो वयक्ति अपने नेत्रों की जांच करवाना चाहते थे मौके पर वे सभी लोगों ने अपने नेत्रों का जांच करवाया l डॉक्टरों की इस टीम (नेत्र चिकित्सकों) द्वारा इस अवसर पर चिकित्सीय जांच शिविर का आयोजन का उपस्थित आम जनमानस, न्यायालय में उपस्थित वाद के वादकारी एवं पक्षकारो ने न्यायालय द्वारा किया गया बहुत ही सराहनीय कार्य कहा गया l साथ ही लोगों को आम जन जीवन में होने वाले गंभीर बीमारियों से वह कैसे बच सकते हैं उन्हें किस तरह अपनी बीमारियों को लेकर सावधान रहना चाहिए उसके बारे में भी लोगों को बताया गयाl
आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के 575 वाद का निपटारा हुआ l जिसमे 2,57,70,082/- दो करोड़ संतावन लाख सत्तर हजार बेराशी रुपए के समझौता राशि पर हस्ताक्षर हुआl अन्य वाद जिसमे यातायात के कुल 647, आपराधिक 134 वाद, विद्युत वाद के 240 मामले, वैवाहिक वाद के एक मुकदमे, जिला परिवहन पदाधिकारी के छः मुकदमे , एन आई एक्ट के दो मुकदमे का निपटारा कराया गया। विभिन्न बैंकों के रेकवेरी के 68 मामलों जिसमे हुए निष्पादन पर इस दौरान कुल 60 लाख 58 हजार 90 रुपए की समझौता राशि पर हस्ताक्षर किया गया। मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, श्री मनीष कुमार शुक्ला, श्री सुदेश कुमार श्रीवास्तव, श्री संजीत कुमार सिंह, श्री सोनेलाल रजक , श्री कमल कुमार, श्री मानस कुमार वत्सल, श्री देवेश कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अवर न्यायाधीश, महेश्वर कुमार पांडेय वही , सुश्री नेहा त्रिपाठी, मुंसिफ द्वितीय, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, श्रीमती ज्योत्सना ज्योति, श्री चंदन कुमार पीठ में उपस्थित थे l पैनल अधिवक्ता , श्रीमती दीपिका कुमारी केसरी, श्री अनिल कुमार दुबे, श्रीमती प्रमिला पाठक, श्रीमती आरती कुमारी, श्री रवि रंजन, श्री प्रमोद कुमार, श्री अखिलेश्वर दुबे, श्री राजीव कुमार मिश्रा, श्री सुरेश प्रसाद, श्री ज्योति शंकर, श्री धर्मेंद्र कुमार, मोहम्मद जावेद अख्तर, श्री राघव कुमार पांडे, श्री विष्णु दत्त द्विवेदी, जितेंद्र कुमार, वही पारा विधिक स्वयंसेवक में कविंद्र पाठक, मदन प्रसाद, प्रेम प्रकाश चौबे , गजेंद्र दुबे, राधे श्याम, सरोज कुमार, आदि वहीं कार्यालय कर्मी सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, संजीव कुमार, प्रभारी प्रशासन, राजीव कुमार, नाजिर संतोष द्विवेदी, ओम प्रकाश सिंह, अविनाश, समेत अन्य लोग मौजूद रहे।