आज दिनांक 28 फरवरी 2025 को जिला पदाधिकारी बक्सर, श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में की गई।
जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में विभाग द्वारा समेकित मुर्गी विकास योजना अंतर्गत 3000 क्षमता का ब्रायलर मुर्गी फार्म तथा 5000 एवं 10000 क्षमता का लेयर मुर्गी फार्म योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
वर्तमान में विभाग द्वारा समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना अंतर्गत 20 बकरी+ 01 बकरा, 40 बकरी+ 02 बकरा तथा 100 बकरी + 05 बकरा क्षमता योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
समीक्षा के क्रम में प्रखंड केसठ में पशु चिकित्सक की उपस्थिति के संबंध में पृच्छा किये जाने पर जिला पशुपालन पदाधिकारी, बक्सर द्वारा बताया गया कि कार्यालय में एक भी कर्मी का पदस्थापन नहीं है, केवल एक भ्रमणशील पशु चिकित्सक है। जिला पशुपालन पदाधिकारी बक्सर को प्रखंड केसठ के चिकित्सालय का निरीक्षण एवं पदस्थापित भ्रमणशील पशु चिकित्सक के कार्यों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
जिले के सभी पशु चिकित्सालयो के कर्मियों के वेतन भुगतान एवं कार्यों की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि प्रत्येक प्रखंड स्थित पशु चिकित्सालय में डाटा इन्ट्री ऑपरेटर एवं कार्यालय परिचारी का पदस्थापन है। जिला पशुपालन पदाधिकारी बक्सर द्वारा दिगभ्रमित करने का प्रयास किया गया। उनके द्वारा केवल बैठक में उपस्थिति की औपचारिकता पूरी की जा रही है। जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि आगामी एक मार्च से पूर्वाह्न 10:00 बजे एवं अपराहन 05:00 बजे जिले के सभी भ्रमणशील चिकित्सा पदाधिकारियों की उपस्थिति ली जाय एवं प्रतिदिन उनसे कृत कार्रवाई प्रतिवेदन प्राप्त कर जिला गोपनीय शाखा, बक्सर को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही निदेश दिया गया कि प्रत्येक सप्ताह या 15 दिनों पर सभी पशु चिकित्सा पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा एवं चिकित्सालयों का निरीक्षण करना सुनिश्चित करेंगे।
जिला पशुपालन पदाधिकारी बक्सर द्वारा बताया गया कि प्रखण्ड सिमरी अन्तर्गत प्रस्तावित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, डुमरी एवं उनवास के भवन निर्माण हेतु अंचलाधिकारी, सिमरी एवं इटाढ़ी द्वारा भूमि चयनित कर प्रस्ताव अनुमोदनार्थ भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बक्सर एवं डुमराँव को उपलब्ध कराया गया है। उक्त संबंध में प्रभारी पदाधिकारी जिला विकास शाखा बक्सर को निदेश दिया गया कि जिला राजस्व शाखा बक्सर में अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।
समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना:- समीक्षा के क्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी बक्सर द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा 20 बकरी+ 01 बकरा, 40 बकरी 02 बकरा एवं 100 बकरी + 05 बकरा क्षमता का बकरी फार्म स्थापित करने हेतु क्रमशः 01, 03 एवं 02 लाभुकों का चयन हुआ है, जिसमें सामान्य कोटि के लाभुकों को 50 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति कोटि के लाभुकों को 60 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। उक्त योजना का लाभ लेने हेतु नियमानुसार ऑनलाईन आवेदन में चयनित लाभुकों द्वारा एकरारनामा किया जा चुका है एवं 60 दिनों के अन्दर कार्य पूर्ण किए जाने संबंधित जानकारी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2023-24 तक कुल 17 लाभान्वित पशुपालकों को लाभ हेतु चयनित किया गया है, जिसमें 16 लाभुकों को दोनों किस्तों की राशि का भुगतान किया जा चुका है। श्री अली मोहम्मद, ग्राम पो०-रसेन खुर्द, राजपुर, बक्सर को द्वितीय किस्त की राशि का भुगतान लंबित है। निदेश दिया गया कि विभागीय निदेशानुसार एक सप्ताह के अंदर द्वितीय किस्त की राशि का भुगतान कराना सुनिश्चित करें।
समेकित मुर्गी विकास योजना:- जिला पशुपालन पदाधिकारी बक्सर द्वारा मुर्गी विकास योजना के संबंध में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में 3000 क्षमता के ब्रायलर पोल्ट्री फार्म की स्थापना हेतु कुल 05 लाभुकों का चयन हुआ है एवं ऋण स्वीकृति का कार्य प्रक्रियाधीन है। उनके द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 से वर्ष 2022-23 तक कोई लक्ष्य प्राप्त नहीं है। स्व-लागत योजना से शेड का निर्माण लाभुकों द्वारा किये जाने के उपरांत पहली किस्त की राशि दी जाती है। इसके लिए दो माह का समय विभाग द्वारा निर्धारित है, परन्तु 05 माह बीत जाने के बाद भी एकरारनामा के अनुसार अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है, जो खेदजनक है। जिला पशुपालन पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि एकरारनामा के अनुसार ससमय योजना का कार्य पूर्ण कराते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
तत्पश्चात जिला मत्स्य पदाधिकारी बक्सर द्वारा मत्स्य विभाग की योजनाओं का क्रियान्वयन किए जाने की जानकारी दी गई, जो निम्नवत है:-
मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना:- इस योजना के अंतर्गत 46 हे० भौतिक लक्ष्य, वित्तीय 60.32 लाख के विरूद्ध उपलब्धि 37.24 हे० एवं वित्तीय 26.97 लाख अभी तक प्राप्त की गयी है। जिला मत्स्य पदाधिकारी बक्सर को निदेश दिया गया कि लक्ष्य की प्राप्ति वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे एवं सभी लाभुको को 15 मार्च तक लाभ देना सुनिश्चित करेंगे।
तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अति पिछड़ी जाति वर्ग में नया तालाब निर्माण की योजना:- इस योजना के अंतर्गत भौतिक लक्ष्य 08 हे० एवं वित्तीय 34.65 लाख में 8 लाभुकों के विरूद्ध केवल 0.80 हे० वित्तीय 3.08 लाख में केवल 2 लाभुकों द्वारा निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। इस संबंध में जिला मत्स्य पदाधिकारी बक्सर द्वारा बताया गया कि गेंहु के कटनी के बाद शेष कार्य शुरू होगा। लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि बहुत ही कम होना खेदजनक है। जिला मत्स्य पदाधिकारी, बक्सर को निदेश दिया गया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
जिला मत्स्य पदाधिकारी बक्सर द्वारा बताया गया कि जिला मत्स्य कार्यालय में बायोमेट्रिक प्रणाली द्वारा कुल 05 कर्मियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इस संबंध में निदेश दिया गया कि मत्स्य कार्यालय में सभी पदस्थापित कर्मियों/पदाधिकारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज कराना सुनिश्चित करेंगे।
जिला मत्स्य पदाधिकारी, बक्सर को कृतसागर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत मत्स्य बीज हेचरी का राज्य स्तर पर अधिष्ठापन हेतु मॉडल का प्रस्ताव दिनांक-04.03.2025 तक देने हेतु निदेश दिया गया।
गव्य विकास विभाग जिला गव्य विकास पदाधिकारी, बक्सर द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में वित्तीय वर्ष 2024-25 से पूर्व का प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिला पशुपालन पदाधिकारी, बक्सर को निदेश दिया गया कि इस संबंध में जाँच कर अपने मंतव्य के साथ प्रतिवेदन एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
जिला में गव्य विकास योजना के संबंध में जिला गव्य विकास पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि समग्र गव्य विकास योजना अंतर्गत जिले में कुल 87 भौतिक लक्ष्य है, जिसमें 36 भौतिक उपलब्धि प्राप्त किया गया है. जो लगभग 45 प्रतिशत है। देशी गौ पालन प्रोत्साहन योजना अंतर्गत कुल 37 भौतिक लक्ष्य के विरूद्ध 11 भौतिक उपलब्धि की प्राप्ति अत्यंत ही चिंताजनक है। वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है और देशी गौ पालन प्रोत्साहन योजना लक्ष्य की प्राप्ति कम होना परिलक्षित करता है कि जिला गव्य विकास पदाधिकारी द्वारा इस कार्य में कोई भी अभिरूची नहीं ली जा रही है। इस संबंध में जिला गव्य विकास पदाधिकारी बक्सर अपना स्पष्टीकरण एक सप्ताह के अंदर समर्पित करने का निर्देश दिया गया।