Sat. Apr 18th, 2026

डॉ महेंद्र पाल, उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सूचीबद्ध होने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन जिला क्रियान्वयन इकाई, बक्सर के द्वारा किया गया जिसमें डॉ जितेंद्र नाथ, सिविल सर्जन, विकास जयसवाल, वरीय उप समाहर्ता, डॉ आलोक रंजन सिंह, ऑपरेशन डायरेक्टर, बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति, पटना, डॉ अशोक प्रसाद केसरी, जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं अभिषेक कुमार, जिला आईटी प्रबंधक, आयुष्मान भारत उपस्थित थे| जिला के तकरीबन 30 निजी अस्पतालों के संचालकों द्वारा इस कार्यशाला में भाग लिया गया डीडीसी के द्वारा बताया गया कि जिला में अभी तक एक भी निजी अस्पताल आयुष्मान भारत के अंतर्गत सूचीबद्ध नहीं है जबकि जिला से 1500 से अधिक आयुष्मान भारत के लाभार्थी बिहार राज्य से बाहर अन्य राज्यों में अपना इलाज करवा कर स्वस्थ हो रहे हैं, इसलिए सभी पोटेंशियल निजी अस्पताल अपना रजिस्ट्रेशन आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत करवा कर लाभार्थियों का इलाज करें| सिविल सर्जन के द्वारा बताया गया कि आयुष्मान भारत के तहत निजी अस्पतालों का पंजीकरण की प्रक्रिया आसान कर दी गई है एवं प्रत्येक स्तर पर जिला क्रियान्वयन इकाई बक्सर की टीम पंजीकरण करने हेतु निजी अस्पताल का सहयोग करेगी, डॉक्टर आलोक रंजन सिंह ऑपरेशन डायरेक्टर के द्वारा निजी अस्पतालों का सूचीबद्ध करने के लिए आयुष्मान भारत का दिशा निर्देश का विस्तृत विवरण निजी अस्पतालों से साझा किया गया और बताया गया कि आवेदन देने के लिए अस्पताल का क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट बायो वेस्ट मैनेजमेंट सर्टिफिकेट एवं पॉल्यूशन सर्टिफिकेट का अपडेट रहना अनिवार्य है बहुत जल्द कुल आबादी के लगभग 85% आबादी आयुष्मान भारत की लाभार्थी होगी, डॉ अशोक प्रसाद केसरी के द्वारा बताया गया कि बक्सर जिला में वर्तमान में कुल 6 लाख 47 हजार आयुष्मान भारत के लाभार्थी हैं तथा इसके अलावे 38952 निबंधित श्रमिक भी आयुष्मान भारत के लाभार्थी हैं जिनमें से 137000 लाभार्थी एवं 1818 निबंधित श्रमिकों का गोल्डन कार्ड निर्गत किया जा चुका है अन्य लाभार्थी एवं श्रमिकों का गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया जिला के सभी वसुधा केंद्र पर उपलब्ध है अभिषेक कुमार जिला आईटी प्रबंधक के द्वारा हॉस्पिटल इंपैनलमेंट मैनेजमेंट पोर्टल पर निजी अस्पतालों का यूजर क्रिएशन एवं आवेदन भरने की प्रक्रिया का एक प्रेजेंटेशन दिया गया अंत में सिविल सर्जन के द्वारा इस आशय के साथ धन्यवाद ज्ञापन हुआ की निजी अस्पताल अपना पंजीकरण करवा कर आयुष्मान भारत के लाभार्थियों का इलाज करना प्रारंभ करेंगे|

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