
आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बक्सर जिले में अनेकों मंदिरों एवं मठों में अपने गुरु का आशीर्वाद लेने के लिए दिनभर श्रद्धालुओं मठों और मंदिरों में आते रहे इसी क्रम में बक्सर आज गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर परश्री लक्ष्मी नारायण मन्दिर चरित्रवन बक्सर स्वामी श्री श्री1008 श्री रामानुजाचार्य स्वामी राजगोपालाचार्य जीने गुरु पूर्णिमा के महत्व के बारे में बताया,आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन वेद् व्यास जी का अवतरण हुआ था। वो संसार और सनातन के आदि गुरु है, उन्ही के अवतरण दिवस पर गुरु पूर्णिमा मनायी जाती है। उस दिन श्री व्यास जी के साथ साथ अपनेगुरु की पूजा- अर्चना करने का विधान बनाया गया है। उस दिन गुरुजी को गुरुदक्षिणा या उपहार भी दिया जाता है। गुरु शब्द दो वर्णो से बना है, गु + रु= गुरु।गु का मतलब अंधकार और रु का भाव प्रकाश हुआ।अर्थात जो हमे अज्ञान से ज्ञान और प्रकाश की ओर लेजाय वही गुरु है।महाराज”त्यागी स्वामी जी” कार्यकर्ता के रुप में पवन जी ,सोनू जी अभिषेक जी ,तथा दूर दूर से आये हुए भक्तगण दिन भर आते रहे गुरु का आशीर्वाद लिया और श्री लक्ष्मी नारायण का दर्शन एवं पूजन किया।