
पर्यावरण भारती द्वारा श्री राम जन्म भूमि पूजन दिवस के तीसरे वर्षगांठ के शुभ अवसर पर बिहार राज्य के बक्सर नगर परिषद के पीपरपांति पथ के पीपरा घाट पर पर्यावरणविद अवधेश पाण्डेय जी के नेतृत्व में 5 देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण हुआ।
पर्यावरण भारती के संस्थापक ,पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि 5 अगस्त को ही 3 वर्ष पूर्व भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र भाई मोदी जी ने चिर प्रतिक्षित श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन किये थे।अतः देव वृक्ष पीपल के पौधे माता गंगा जी के किनारे लगाना महत्वपूर्ण कार्य है।
भारत ही नहीं संसार के नदियों के किनारे यदि देव वृक्ष पीपल,बरगद,गूलर एवं पाकड़ के पेड़ लगाये जाये और 5 वर्षों तक उनकी सुरक्षा किया जाये तो मिट्टी कटाव स्वतः रूक जायेगा।मानव को शुद्ध हवा,पक्षियों को आश्रय एवं छाया देव वृक्ष से सर्वाधिक हमें प्राप्त होता है। एक पेड़ 100 पुत्र समान होते हैं । पीपल का पेड़ धूल कर को ग्रहणकर हमें शीतलता प्रदान करता है । जैसे जल ही जीवन है , वैसे पेड़ ही जीवन है। पेड़ पौधों से ही बादल आकर्षित होते हैं । जिससे वर्षा होती है वर्षा से जल की प्राप्ति होती है तथा जल से मनुष्य अनेकों कार्य करते हैं । जैसे जल पीने का काम आता है जल खेती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है । जो आज हम लोग सुखा की स्थिति झेल रहे हैं । यदि पेड़ पर्याप्त मात्रा में होते तो यह स्थिति नहीं होती।
पर्यावरण भारती की स्थापना पटना के राजेन्द्रनगर में 2008 में हुई थी।इसका उद्देश्य केवल बिहार में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है।अभी तक 1 लाख 123 पेड़ लगा चुके हैं।केवल 20% पेड़ नर-पशु द्वारा नष्ट हुए।
पर्यावरण भारती के पौधारोपण में अवधेश पाण्डेय,भारत कुमार,पाण्डेय,राहुल रंजन,ॠद्धि कुमारी,सिद्धि कुमारी,मिष्टी कुमारी,राजेन्द्र कुमार पाठक ,राम बिलास शाण्डिल्य ने भाग लिये।