Sat. Apr 18th, 2026

नगर भवन, बक्सर में कृषि विभाग (आत्मा), बक्सर के तत्वधान में जिलास्तरीय रबी कर्मशाला – 2023 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, बक्सर, उप विकास आयुक्त, बक्सर, जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, बक्सर, जिला पशुपालन पदाधिकारी, बक्सर, जिला मत्स्य पदाधिकारी, बक्सर, कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर के वैज्ञानिक, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी, बक्सर, सहायक निदेशक, उद्यान, बक्सर, सहायक निदेशक, भूमि संरक्षण, बक्सर, सहायक निदेशक (कृ. अभि.) भूमि संरक्षण, बक्सर, उप परियोजना निदेशक, आत्मा, बक्सर, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, बीटीएम, एटीएम एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त , जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री अमान अहमद, कृषि समन्वयक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बोलते हुए जिला कृषि पदाधिकारी, बक्सर द्वारा रबी- 2023 में कार्यान्वित की जाने वाली योजनाओं एवं बीज वितरण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गयी। उनके द्वारा बताया गया कि दिनांक 16.10.2023 से 02.11.2023 तक प्रखंडस्तरीय रबी कर्मशाला का आयोजन होना है एवं कर्मशाला के अगले दिन उपादान वितरण का कार्यक्रम होना है। उपस्थित कर्मियों को सम्बोधित करते हुए उप विकास आयुक्त द्वारा किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने हेतु प्रेरित करने का निदेश दिया गया। साथ ही जैविक विधि से खेती करने के महत्व पर प्रकाश डालने के क्रम में बताया गया कि किसानों को अंधाधुन्ध उर्वरकों के प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताएं एवं जैविक बिधि से खेती करने हेतु प्रेरित करें।
जिला पदाधिकारी, बक्सर द्वारा अपने संबोधन में बताया गया कि वर्तमान में विभिन्न प्रखंडों में चल रहे जन संवाद कार्यक्रम में भी कृषि संबंधित चर्चा होती है। साथ ही कृषि विभाग द्वारा योजनाओं में ऑनलाइन आवेदन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उनके द्वारा बताया गया कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं कृषि विभाग, बिहार का उद्देश्य है कि योजनाओं के कार्यान्वयन में पूरी पारदर्शिता हो।
जिला पदाधिकारी द्वारा उपस्थित कृषि कर्मियों को निदेशित किया गया कि प्रखण्ड में आयोजित होने वाले कर्मशाला एवं उपादान वितरण कार्यक्रम में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही जिला पदाधिकारी द्वारा फसल विविधीकरण पर जोर दिया गया और बताया गया कि किसानों की आय में वृद्धि ही कृषि बिभाग का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
पराली प्रबंधन के बारे में बोलते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा Happy Seeder और Super Seeder आदि यंत्रों के प्रयोग पर बल दिया गया एवं इन यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान के बारे में बताया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा जैविक खेती, उर्वरकों के अनावश्यक प्रयोग पर भी आदि विषयों पर भी बात की गई। उनके द्वारा किसानों को सुझाव दिया गया कि समय से पूर्व हीं नियमानुसार उर्वरक की खरीददारी कर के रख लें ताकि अचानक उर्वरक की किल्लत से जूझना न पड़े।

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