बक्सर :देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ० राजेंद्र प्रसाद की 140 वीं जन्म तिथि पर युवा अधिवक्ताओं की ओर से अधिवक्ता पवन कुमार राय के निजी आवास पर अधिवक्ता दिवस के रूप में एक भव्य कार्यक्रम आयोजन कर मनाया गया। जिसमें वरीय अधिवक्ताओं के साथ ही जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव भी शामिल हुए। इस दौरान युवा अधिवक्ताओं ने पहले डॉ० राजेंद्र प्रसाद के तौल चित्र पर बारी-बारी से माल्यार्पण कर नमन किया। मौके पर उपस्थित संघ के महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय ने कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद एक बहुत ही प्रख्यात अधिवक्ता थे। उनकी जीवनी से हमें प्रेरणा एवं शिक्षा लेनी चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम में अधिवक्ताओं का सर्वाधिक योगदान रहा है और नए भारत को बढ़ाने का समय आया तब भी अधिवक्ताओं की महत्ता बनी रही। भारत की सारी न्याय व्यवस्था अधिवक्ताओं के काम पर टिकी हुई है। यह कहना अतिश्योक्ति नही हैं कि न्याय मिल ही इसलिए रहा क्योंकि अधिवक्ता उपलब्ध हैं। साथ ही श्री पाण्डेय ने यह भी कहा कि पहली बार ऐतिहासिक कार्यक्रम युवा अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता दिवस पर आयोजन किया जो प्रशंसा का योग्य है। कार्यक्रम में मंचासीन वरीय अधिवक्ताओं ने भी संबोधन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता गण मौजूद रहे कार्यक्रम का संचालन विनोद कुमार मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन युवा अधिवक्ता राघव कुमार पाण्डेय ने किया। इस कार्यक्रम में वरीय अधिवक्ता रामकृष्ण चौबे,वरीय अधिवक्ता उमेश सिंह,वरीय अधिवक्ता दयासागर पाण्डेय,राघवेंद्र राय,सत्येंद्र कुमार,मनीष कुमार,राजेश कुमार,विजय भूषण सहाय,रजनीश रंजन श्रीवास्तव,सरफराज,महेश कुमार,राकेश मिश्रा,मुकुल ठाकुर,ब्रिजेश कुमार रमन,निशांत माधवन,मो० मुजफ्फर अहमद,मनु कुमार,अखिलेश कुमार,सोनू कुमार चौबे,चंद्र मोहन चौबे,रविभूषण उपाध्याय,शाक्य कुमार आदि सौकड़ों अधिवक्ता शामिल थे।