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संयुक्त कृषि भवन में आयोजित उर्वरक कंपनी, थोक बिक्रेता की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णयबक्सर: संयुक्त कृषि भवन,बक्सर के सभागार में दिन शनिवार को जिला कृषि पदाधिकारी की अध्यक्षता में कृषि समन्वयक, उर्वरक कंपनी एवं उर्वरक थोक बिक्रेता की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान डीएओ श्री मनोज कुमार ने कहा कि किसानों के बीच उर्वरक की बिक्री निर्धारित मूल्य पर किया जाना है। इसके लिए विभाग द्वारा जीरो टाॅलरेंस नीति लागू है। अगर औचक छापामारी के दौरान कोई भी बिक्रेता उक्त नियम का उल्लंघन करते पाया जाता है तो सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी। इस मद्देनजर डीएओ श्री मनोज कुमार ने कड़े शब्दों में कहा कि जीरो टाॅलरेंस नीति के अंतर्गत उर्वरक आपूर्ति करने वाली सभी कंपनियों को एफओआर के तहत बिक्रेताओं को उर्वरक की आपूर्ति करनी होगी। एफओआर अंतर्गत बिक्रेताओं के गोदाम तक ढुलाई के क्रम में व्यय राशि को बिक्रेता के बैंक खाते में क्रेडिट करना होगा तथा इसके सत्यापन हेतु बैंक स्टेटमेंट जिला कृषि कार्यालय,बक्सर में उपलब्ध कराना होगा। अगर कोई भी उर्वरक कंपनी एफओआर नियम का उल्लंघन करती है तो उक्त कंपनी पर कठोर कार्रवाई की जायेगी। डीएओ श्री मनोज कुमार ने थोक उर्वरक बिक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी थोक बिक्रेता अपने डिस्प्ले बोर्ड पर प्रतिदिन उर्वरक का मूल्य, पाॅश मशीन के अनुसार उर्वरक की उपलब्धता अवश्य अंकित करेंगे, ताकि कृषक को सम्बंधित दुकान से उर्वरक का मूल्य एवं उपलब्धता के आधार पर उर्वरक का क्रय कर सकें। डीएओ श्री मनोज कुमार ने कहा कि उर्वरक आपूर्ति मामले में जीरो टाॅलरेंस नीति लागू है। अगर कोई भी दुकानदार उर्वरक के निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर बिक्री करते हुए पाया जाता है तो उसके उपर आवश्यक वस्तु अधिनियम अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी। किसानों के लिए उर्वरक सम्बंधी शिकायत दर्ज कराने हेतु जिला नियंत्रण कक्ष का गठन किया गया है, जिसके नोडल अधिकारी के रुप में श्री शेखर किशोर, सहायक निदेशक,फसल प्रक्षेत्र नामित है। जिला नियंत्रण कक्ष का संपर्क सूत्र 9198879787, 7903767773 तथा 9473081675 है। इन मोबाईल नम्बर पर किसान उर्वरक से सम्बंधित शिकायत दर्ज करा सकते है। शिकायत करने वाले किसानों का नाम गुप्त रखते हुए कालाबजारी में संलिप्त बिक्रेताओं का लाईसेंस निरस्त करते हुए अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी। डीएओ श्री मनोज कुमार ने किसानों से अपील की कि खरीफ मौसम में जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का भंडार है। जिले में अनुज्ञप्तिधारी उर्वरक बिक्रेताओं पर उर्वरक की कालाबजारी न हो, इसके लिए सभी दुकानों पर कृषि समन्वयक को सम्बद्ध कर दिया गया है साथ ही जिले से अधिकारियों की टीम निरंतर छापामारी कर रही है। कृषक मिट्टी जाॅंच के आधार पर ही उर्वरक का उपयोग करें। आगे उन्होंने कहा कि अॅंधाधुॅंध उर्वरकों के प्रयोग करने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होने के साथ-साथ मिट्टी की सेहत भी खराब होती है। इस परिस्थिति में कृषि विशेषज्ञों, देशी पाठ्यक्रम से प्रशिक्षित उपादान बिक्रेता के सलाह पर उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा का प्रयोग करें। बैठक में उर्वरक कंपनी के प्रतिनिधि, उर्वरक थोक बिक्रेता उपस्थित थे।

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