
जिले वासियों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के टीम लीडर सह ब्रांड एंबेसेडर बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति बक्सर श्री सुंदरम कुमार ने कहा कि इस दिवाली में भी अपने स्थानीय कामगारों का ख्याल रखना चाहिए। बना कर दिये मिट्टी के, जरा सी आस पाली हैमेरी मेहनत खरीदो यारों, मेरे घर भी दीवाली है।दीपावली में मिट्टी के दीए का विशेष महत्व है. क्योंकि मिट्टी का प्रकृति से सीधा संबंध है. मान्यता है कि मिट्टी के दीपक की रौशनी से न केवल आसपास का अंधेरा मिटता है,बल्कि इससे शारीरिक और मानसिक विकार भी दूर होते हैं और घर से नाकरात्मकता दूर होकर सकारात्मकता का वास होता है. दीये की रौशनी को सुख, समृद्धि, स्फूर्ति का प्रतीक माना गया है. इसके अलावा हम लोग मिट्टी के दीए जलाकर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं, लेकिन जो वास्तविक दीपावली है जिसमें लक्ष्मी मां की पूजा की जाती है. वह अब बम-पटाखों में बदल गयी है सुन्दरम कुमार की मानें तो इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि मां लक्ष्मी कभी प्रसन्न नहीं होंगी.साथ ही हमारे आपने आस पास के कुम्हार भाईयो ने दीपावली से महीनो पहले हमारे समाज के लोगों के लिए दिए का निर्माण करते आ रहे है उनके प्रति भी हमारी जिमेवारी है की उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाए इसके लिए हम सभी को मिट्टी की दिए उनसे खरीद कर आपने देश का पैसा आपने देश के भाईयो को ही दे आपने देश को मजबूत बनाए और चाइनीज सामानों का बहिष्कार करें तब जाकर मेरा देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा । दीपावली एक ऐसा पर्व है जो पूरे देश को रोशन करता है, दीपावली पर पटाखे जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के बचाए उसे संरक्षण के लिए काम करना चाहिए.