
समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णयबक्सर: जलवायु अनुकूल खेती, किसानों को बाजार से जोड़ने से संबंधित, पराली प्रबंधन, मोती की खेती, मशरुम उत्पादन, मधुमक्खीपालन, पशुपालन, ड्रीप सिंचाई, मल्चिंग का उपयोग कर खेती, मत्स्यपालन, जीरोटिलेज से खेती इत्यादि से संबंधित प्रशिक्षण को किसानों तक पहुॅंचाने हेतु कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण(आत्मा) जिला स्तर पर स्थापित है। इन प्रशिक्षणों को मूर्त रुप देने हेतु समाहरणालय स्थित सभागार में दिन सोमवार को आत्माशाषी पर्षद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें एक करोड़ तीहतर लाख सतासी हजार दो सौ रुपये की कार्य योजना को पारित किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक,आत्मा श्री मनोज कुमार ने बताया कि आत्मा द्वारा किसानों के लिए अनेक योजनायें संचालित है, जिसमें किसान पुरस्कार, प्रशिक्षण, परिभ्रमण, कृषक हितार्थ समूह एवं खाद्य सुरक्षा समूह का निर्माण, समूहों का प्रोत्साहन, किसान मेला, कृषि सूचना प्रसार, लो कोस्ट पब्लिकेशन, इलेक्ट्राॅनिक फाॅर्म में टेक्नोलाॅजी पैकेज का निर्माण, किसान वैज्ञानिक संवाद, किसान पाठशाला इत्यादि शामिल है। किसानों के प्रशिक्षण पर जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने कहा कि इच्छुक कृषक प्रशिक्षण में शामिल होने हेतु संबंधित प्रखंड के प्रखंड कृषि कार्यालय में अपना पंजीकरण करा सकते हैं। सम्बंधित बीटीएम अथवा एटीएम किसानों के पंजीकरण के आधार पर प्रशिक्षण के विषय के अनुसार किसानों को प्रशिक्षण के पूर्व सूचना उपलब्ध करायेंगे। पंजीकरण कराते समय मानव दिवस के आधार पर दस प्रतिशत राशि अग्रिम के रुप में बीटीएम/एटीएम के पास जमा करनी होगी, जिसे प्रशिक्षणोपरांत वापस कर दिया जायेगा। आगे उन्होंने कहा कि जिले के सफल किसानों को जिलास्तर पर पहचान दिलाने एवं अन्य किसानों को मार्गदर्शक के रुप में प्रेरित करने हेतु ‘‘खेत-खलिहान’’ पत्रिका में सफलता की कहानी का प्रकाशन कराया जा रहा है। जिले में खेती से संबंधित नवाचार कार्य कर रहे किसान संबंधित प्रखंड के बीटीएम या एटीएम को अपना आलेख उपलब्ध करा सकते हैं। बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई, सहायक निदेशक,उद्यान, उप परियोजना निदेशक एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित थे।