
स्थानीय व्यवहार न्यायालय बक्सर, के कार्यालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के कार्यालय भवन, विधिक सेवा सदन में, धर्मेंद्र कुमार तिवारी माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह – सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर द्वारा विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम कार्यालय भवन विधिक सेवा सदन में उपस्थित व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी गण, वरिष्ठ अधिवक्ताओं पैनल अधिवक्ताओं एवं विधिक स्वयंसेवके के साथ किया। मौके पर उन्होंने कहा कि हमारा जिला बक्सर जिसे मिनी काशी भी कहा जाता है, जहां हमारे बिहार राज्य में उत्तरवाहिनी गंगा का प्रवाह होता है, महर्षि विश्वामित्र कि नगरी नाम से प्रसिद्ध बहुत ही रमणीक एवं पर्यटकों को लुभाने वाला शहर है। यहां प्रसिद्ध ऐतिहासिक युद्ध, जिसे बक्सर के युद्ध के नाम से जाना जाता है यही स्थित है। आप सभी इस अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर घूम – घूम कर विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में अपने -अपने प्रखंड में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम करेगें। जिसमें नालसा द्वारा चलाई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं, साथ ही बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना, विधिक सहायता हेतु क्या पात्रता है एवं आम जनमानस को हम कैसे विधिक सहायता दे सकते हैं। इसके बारे में लोगों को बताए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर साल 27 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। व्यक्ति के जीवन और राष्ट्र के विकास में पर्यटन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। हमारे सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक विकास के लिए पर्यटन बहुत जरूरी है। खासकर विकासशील देशों में पर्यटन रोजगार सृजन का मूल स्रोत बन गया है।वैश्विक पर्यटन के इन्हीं महत्वों को देखते हुए हर साल 27 सितंबर को पर्यटन दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों को पर्यटन के प्रति जागरूक किया जा सकें और उन्हें पर्यटन के लाभ और महत्व के बारे में बताया जाए। 27 सितंबर को विश्व भर में पर्यटन दिवस मनाया जाता है। हर साल पर्यटन दिवस के उपलक्ष में नई- नई थीम्स के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाते हैं।साल 1980 में पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत हुई। 27 सितंबर 1980 को विश्व का पहला पर्यटन दिवस मनाया गया। 27 सितंबर 1970 को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के संविधान को अपनाया गया था।जिसके ठीक 10 साल बाद 1980 में इस दिन को विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा कर दी गई। विश्व पर्यटन संगठन संयुक्त राष्ट्र संघ की ही एक अंगीकृत संस्था है जिसकी स्थापना साल 1976 में हुई थी। इस संस्था का मुख्यालय मेड्रिड स्पेन में है। लेकिन इसको बनाने का संविधान 27 सितंबर 1970 को ही पारित हुआ था जिस कारण इस दिन हर साल विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। साल 1969 में पर्यटन के बढ़ते हुए रुझानों और महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने 1980 से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाने का निर्णय लिया और तब से आज तक हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर कुमार मानवेंद्र, रीमा कुमारी, आरती कुमारी एवं अन्य अधिवक्ताओं एवं शिवदयाल पांडे, अविनाश श्रीवास्तव, गजेंद्र नाथ दुबे पारा विधिक स्वयंसेवक द्वारा जिले के अनेक जगह यथा रामरेखा घाट, कथकौली मैदान, बक्सर का युद्ध स्थल, नौलखा मंदिर, किला मैदान, बक्सर गोलंबर आदि अनेक स्थलों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम किया गया। जिसमें नालसा के सभी कल्याणकारी योजनाएं एवं विधिक सहायता प्रदान करने के पात्रता आदि के बारे में आम जनमानस को बताया गया। मौके पर कार्यालय कर्मी, सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, सुनील कुमार मनोज कुमार, अकबर अली पारा विधिक स्वयंसेवक आश लाल, प्रीती, नीतू आदि एवं पैनल अधिवक्ता के रूप में विष्णु दत्त द्विवेदी, श्यामाश्री चंद्रा, कुमारी अरुणिमा, अशोक कुमार पाठक आदि उपस्थित थे।