Sun. Apr 19th, 2026

मेडिएशन फॉर द नेशन कार्यक्रम, 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक के सफल आयोजन, के पश्चात बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना द्वारा मेडिसिन फॉर द नेशन 2.0 कार्यक्रम की शुरुआत 2 जनवरी 2026 को की गई है कार्यक्रम की अपार सफलता के लिए अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी -सह- जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की सचिव श्रीमती नेहा दयाल ने कहा कि मध्यस्थता (Mediation) विवाद निपटारे का एक प्रभावी, गोपनीय और स्वैच्छिक तरीका है, जिसमें समय और लागत दोनों की बचत होती है। यह प्रक्रिया न केवल न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करती है, बल्कि पक्षों के आपसी संबंधों को भी बनाए रखने में सहायक होती है। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता में किसी भी प्रकार का निर्णय थोपने के बजाय, एक निष्पक्ष मध्यस्थ पक्षों के बीच बातचीत और सहयोग को प्रोत्साहित करता है ताकि दोनों पक्ष एक स्वीकार्य और स्थायी समाधान तक पहुँच सकें। इसी क्रम में लोक अदालत में अब तक 50 मामलों का निपटारा मध्यस्थता के माध्यम से होने के लिए वादो को चिंहित किया जा चुका है, जिससे संबंधित पक्षों को शीघ्र न्याय मिल पाएगा। सचिव नेहा दयाल ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि वर्षों तक मामले अदालतों में लंबित रहते हैं, जिससे न केवल समय और पैसे की बर्बादी होती है बल्कि पक्षों के बीच रिश्तों में भी खटास आ जाती है। जबकि मध्यस्थता प्रक्रिया में दोनों पक्षों को समान अवसर मिलता है और आपसी सहमति से विवाद का हल खोजा जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!