बक्सर। एम वी कॉलेज, स्मृति कॉलेज एवं आईसेक्ट के संयुक्त तत्वावधान में एम वी कॉलेज के मानस हाल में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर संगोष्ठी का आयोजन एवं कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से कौशल विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।
अध्यक्षता कर रहे एम वी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षकों को अपनी योग्यता एवं कौशल बढ़ाने के लिए भी प्रेरित करता है। इसमें प्रशिक्षण की बात भी की गई है। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए इस नीति का क्रियान्वयन अत्यावश्यक है।
मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय शिक्षण मंडल के दक्षिण बिहार प्रांत के उपाध्यक्ष सह स्मृति कॉलेज बक्सर के निदेशक डॉ रमेश कुमार ने कहा कि आने वाले वर्षों में रोजगारोन्मुख कौशल विकास हमारे देश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और कौशल में कुशल व्यक्ति के पास रोजगार के बेहतर अवसर होंगे। इस शिक्षा नीति की खास बात विद्यालययी शिक्षा में गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार लाकर उच्च शिक्षा में सुधार लाने की बात कही गई है। नई शिक्षा नीति से संस्कृति एवं शाश्वत मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा। 2040 तक सभी उच्च शिक्षण संस्थान बहुविषयक/अंतर अनुशासनिक /अंतर विषयक (Interdisciplinary) संस्थान बन जाएंगे। इसमें व्यावसायिक शिक्षा पर बल दिया गया है।
आईसेक्ट के रीजनल मैनेजर अमृतेश मिश्रा ने आईसेक्ट के कौशल विकास यात्रा का उद्देश्य छात्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बारे में जागरूकता पैदा करना और कौशल विकास के महत्व को समझाना बताया। उन्होंने स्नातक छात्र-छात्राओं को स्किल्ड कोर्सेज, क्रेडिट प्वाइंट्स के बारे में विस्तार से बताया। ज्ञातव्य है कि आइसेक्ट- एनएसडीसी द्वारा विभिन्न रोजगार उन्मुख कार्यक्रम कराए जाते हैं। डॉ छाया चौबे ने बताया कि इस नीति से भारतीय अनुसंधान कार्य विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल होगा। परंतु पूरी तरह से क्रियान्वयन में इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई मुद्दों पर सरकार के साथ-साथ शिक्षकों को कार्य करने की आवश्यकता है।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ श्वेत प्रकाश ने किया। कार्यक्रम में डॉ अविनाश पांडे, डॉ सुजीत कुमार, डॉ राज बिहारी शर्मा, डॉ प्रिय रंजन, चिन्मय झा, अरुण ओझा, अरविंद कुमार, अजीत चौबे, आशुतोष मिश्रा के साथ-साथ सैकड़ो छात्र-छात्रा उपस्थित थे। अंत में आईसेक्ट के कौशल विकास यात्रा की गाड़ी को डॉ रवि प्रभात, डॉ रमेश कुमार, डॉ भारत चौबे, डॉ श्वेत प्रकाश द्वारा हरी झंडी दिखाकर बिहार के अन्य जिलों में जाकर जागरूकता फैलाने के लिए शुभकामनाएं दी गई।