संयुक्त कृषि भवन, बक्सर के परिसर में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला का आयोजन किया गया।
मेला का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी श्री अविनाश शंकर, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान देव करण सिंह, सहायक निदेशक यांत्रिकरण श्री आशीष कुमार व प्रगतिशील कृषक द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
किसानों को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी श्री अविनाश शंकर ने कहा कि भारत की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। आजीविका का अहम स्त्रोत खेती-बाड़ी को समृद्ध करने हेतु नये-नये तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग कर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि हासिल की जा सकती है। आगे उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पचहतर प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। अनुदान का लाभ लेने हेतु इच्छुक कृषक विभागीय पोर्टल पर लाॅगीन कर या अपने सम्बंधित पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, बीटीएम,एटीएम से अनुदान की प्रक्रिया एवं आवेदन करने से सम्बंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं।
सहायक निदेशक,कृषि यांत्रिकरण सह उप निदेशक भूमि संरक्षण श्री आशीष कुमार ने फसल अवशेष प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन वाले यंत्रों पर 75 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर श्री राकेश कुमार, पंचायत-मंगराव को स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत बारह लाख रुपये का अनुदान दिया गया। इस कस्टम हायरिंग सेंटर में रीपर, सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर, ट्रैक्टर, पैडी थ्रेसर तथा कल्टीवेटर यंत्र शामिल है। स्थानीय पंचायत के कृषक किराये पर इन यंत्रों का लाभ ले सकते हैं।
मेले में चंदन पाण्डेय, मदन कुमार सिंह सहित अन्य प्रगतिशील कृषक को अस्सी प्रतिशत अनुदान पर मैनुअल कृषि यंत्र कीट का वितरण किया गया।
श्री आशीष कुमार ने बताया कि आज के मेले में कृषकों द्वारा लगभग नौ लाख रुपये मूल्य के छोटे-बड़े कृषि यंत्रों की खरीदारी की गई, जिसमें लपेटा पाईप, मैनुअल कीट, इलेक्ट्रीक चैप कटर, आटा चक्की मशीन, रोटावेटर, जीरोटिलेज मशीन यंत्र प्रमुख हैं। कृषि यांत्रिकरण मेला में एक से बढ़कर एक स्टाॅल लगाये गये थे।
मौके पर कृषि अधिकारी एवं अनेक कृषक उपस्थित थे।