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बिहार की धरती पर 10 नवंबर 1871 में जन्मे एक ऐसे व्यक्ति जिन्होंने शिक्षा न्याय एवं राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया तथा डॉक्टर साहब एक वरिष्ठ अधिवक्ता होने के नाते अपने ज्ञान का उपयोग शिक्षा न्याय एवं राष्ट्र निर्माण के लिए किया जिनका अहम योगदान बिहार को बिहार का दर्जा दिलाने में रही है वैसे महान व्यक्तित्व वाले महापुरुष डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा को उनके पूण्यतिथि 8 मार्च 2026 पर भारत रत्न देने की मांग को कायस्थ परिवार के प्रदेश संयोजक एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुमन कुमार श्रीवास्तव ने बिहार के दौरे पर आए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को उनके आवास पर मिलकर कर कल देर सायं पत्र के माध्यम से मांग की है ।

बता दें की बिहार को पहचान देने वाले महापुरुष डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा को 1746 में संविधान सभा की पहली बैठक में संविधान सभा की अस्थाई अध्यक्ष बनाया गया था उस समय भारत देश से 1912 में विभाजन होकर 12 वां राज्य बना बिहार उसके बाद 1935 में बिहार से अलग होकर ओडिसा राज्य बना और 15 नवंबर 2000 में डॉक्टर सिन्हा की पहल से एक बार फिर बिहार का विभाजन हुआ और एक अलग राज्य झारखंड बना वैसे महान व्यक्तित्व वाले डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा की मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग कई वर्षों से चली आ रही है और आज भी बिहार के हरेक कोने से डॉक्टर सिन्हा को भारत देने की मांग उठ रही है।

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