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आपातकाल के लोकतंत्र के काले अध्याय आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर जिला भाजपा ने स्थानीय श्याम वाटिका (अंबेडकर का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश भुवन तथा मंच संचालन का कार्य धनंजय त्रिगुण महामंत्री द्वारा किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह बक्सर जिला प्रभारी मंत्री नितिन नवीन और आपातकाल के योद्धा हरेंद्र प्रताप उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मंचासिन मुख्य अतिथियों में नितिन नवीन, हरेंद्र प्रताप , ओम प्रकाश भुवन,संतोष रंजन राय, पूनम रविदास, अनिल श्रीवास्तव, प्रदीप दुबे,अवधेश कुमार पाण्डेय,द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

विषय प्रवेश करते हुए जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश भुवन ने कहा की जिस समय देश में आपातकाल की घोषणा हुई थी उस समय ,, इंदिरा गांधी जी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार थी । आपातकाल में संविधान की मूल भावना को कुचला गया था। उस समय भारतीय संविधान में निहित मूल्यों को दरकिनार कर मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था। आजाद भारत के इतिहास में भारतीय संविधान के लिए यह दिन काला दिवस है,, जिसे भावी पीढ़ी कांग्रेस के संविधान और लोकतंत्र विरोधी कुकृत्यो के लिए याद रखेगी ।

 

सेमिनार के उद्घाटनकर्ता पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस तानाशाही, परिवारवाद और भ्रष्टाचार की प्रतिक है,,तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगाकर आम आदमी के जीवन को नर्क बना दिया।देश में आपातकाल लगाकर प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म कर दिया गया और राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को जेल में डाल दिया गया। और दुर्भाग्य यह है कि उसी आपातकाल की कोंख से निकली राजद आज कांग्रेस के गोद में बैठी है।

 

मुख्य वक्ता के रूप में आपातकाल के योद्धा, और प्रख्यात लेखक हरेंद्र प्रताप ने आपातकाल के अपने बक्सर और आरा के संस्मरणों को याद करते हुए,,कांग्रेस के क्रूर चेहरे और उसके भुक्तभोगी मित्रों को याद करते हुए कहा कि

आपातकाल लागू करने के पीछे कांग्रेस का अपनी तानाशाही साबित करना था। इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा की थी।आपातकाल लागू करने के पीछे इलाहाबाद हाई कोर्ट का एक फैसला था जिसमें उनके चुनाव को अवैध घोषित कर दिया था। इसके अलावा उस फैसले में देश में आंतरिक अशांति, राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।

अन्त में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नेताओं को आगाह करते हुए कहा की आज भी कौन्ग्रेस जिंदा है इसके लिए कहीं ना कही हम सभी जिम्मेदार हैं।

आयोजन में आपातकाल के सेनानियों का नेतृत्व द्वारा अंगवस्त्र देकर अभिनंदन भी किया गया ।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन का कार्य शिला त्रिवेदी ने किया।

उक्त सेमिनार में भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ एवं कनिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता के अलावे बड़ी संख्या में डॉक्टर, प्रोफेसर सहित आपातकाल के कई सेनानी भी उपस्थित रहे।

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