जे पी आन्दोलन की स्वर्ण जयंती श्री अरविन्द महिला कॉलेज पटना के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता माननीय केन्द्रीय मंत्री श्री अश्वनी कुमार चौबे ने भारतीय लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों अर्थात परिवार वाद भ्रष्टाचार, स्वार्थपरता अवसरवादिता जनित परिवेश में जे पी आन्दोलन की प्रासंगिकता से युवाओं को अवगत कराया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना में माननीय मोदी जी के सपनों से युक्त भारत के अमृत कल में अपने विभाग की योजनाओं का उल्लेख भी किया। वर्तमान सरकार की नीतियों में निहित भारत बोध और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में युवाओं के दायित्वों के प्रति साकांक्ष किया।
प्रधानाचार्य प्रो. साधना ठाकुर ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश करवाया। प्रो. अंजली प्रसाद ने धन्यावाद ज्ञापन किया और प्रो योगेन्द्र कुमार ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर डॉ अविनाश कुमार झा व्याख्यान की अकादमिक पृष्ठभूमि की चर्चा की, डा मनोज मिश्र ने जे पी आन्दोलन के स्वर्ण जयंती के अयोजन की महत्ता और अनुपम जी ने इस अवसर पर जे पी के विचारों की संक्षिप्त चर्चा द्वारा कई अनछुए पहलू को उजागर किया। इस अयोजन का मुख्य उद्देश्य सुधी छात्रों को मौलिकता, शुचिता एवं शुद्धता के साथ भारतीय दृष्टि बोध एवं सांस्कृतिक विरासत युक्त आत्मविश्वास पैदा करना और अखंड भारत की संक्लपना युक्त संस्कृतिक एकता से अवगत कराना रहा जिससे वो सही जागरूक मतदाता के दायित्व निर्वहन में स्वयं को सक्षम बना सके। अंत में माननीय मंत्री महोदय ने जे पी आन्दोलन द्वारा मतदाताओं की सजगता की प्रसागिकता को दर्शाया और बताया कि राष्ट्रबोध की अवधारणा युक्त शिक्षा वाश्विकारण के दौरान काफी आवश्यक 21 वी सदी में अखण्ड भारत की स्थिति और उसकी अक्षुण्णता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मान्यता और उस अनुरूप व्यक्तित्व के विकास के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय के शिक्षा दर्शन के आलोक में उपयोगी शिक्षा के लिए उनके विचारों को प्रस्तुत कर नई सोच और मानसिकता के निर्माण से ही सक्षम आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
इस व्याख्यान समारोह में प्रो अंजली, डा मधुलिका, डा नीतू,प्रो. योगेन्द्र कुमार, इतिहास विभाग एवं महाविधालय के शिक्षकों छात्राओं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की श्री अरविन्द महिला कॉलेज के सभागार में की गरिमामई उपस्थिति थी।