
आज भारतीय सेना का शहीद सैनिक हवलदार संजय कुमार चौबे , पिता श्री मैनेजर चौबे बक्सर जिला के जरिगांवा ग्राम निवासी का शव बक्सर में लाया गया जिन्हें दानापुर मिलिट्री छावनी के सैनिकों द्वारा चरितरबन स्मशान घाट पर अंतिम बिदाई के रूप में शस्त्र के द्वारा सलामी तथा फायरिंग के द्वारा इज्जत दी गई। सैनिक संघ बक्सर के जाबाज पूर्व सैनिकों ने भी इस अंतिम बिदाई में भाग लेते हुए विशेष भागीदारी दिखाई ।शहीद संजय कुमार चौबे 2005 में भारतीय सेना में ज्वाइनिंग किए थे । 321 फिल्ड वर्क शाप हाशी मारा में पोस्टेड थे । उनकी तबियत खराब हुई और कलकत्ता मिलिट्री अस्पताल में भर्ती थे । मां बाप का इकलौता बेटा होने के नाते घर का चिराग बुझ गया । इन्होंने अपने पीछे बेटी के रूप में सौम्या 10 वर्ष और बेटे के रूप में अंश 8 वर्ष और रौशन 6 वर्ष छोड़कर गए हैं । अपने पिता के विरह में मीडिया के समक्ष तीनो बच्चो ने अपनी दर्द भरी दास्तां को सुनाया । बच्चो के छलकते हुए आंसुओ को देखकर मौजूद सभी के आंसू निकल आए । सैनिक संघ बक्सर के जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने बताए की शहीद संजय कुमार चौबे के जाने से सेना को बहुत बड़ी छती हुई है । वही जिला उपाध्यक्ष सूबेदार विद्या सागर चौबे ने बताया की भारतीय सेना के साथ साथ शहीद परिवार को बहुत बड़ा झटका लगा है । अगर भारतीय सेना का एक भी जवान शहीद होता है तो पूरी सेना प्रभावित होती है ।परिवार को किसी भी तरह की मदद करने की सैनिक संघ बक्सर ने आश्वासन दिया । दानापुर के जाबाज सैनिकों एवम पूर्व सैनिकों के द्वारा सारा वातावरण छावनी में तब्दील हो गया था । भारत माता की जय, वन्दे मातरम, शहीद संजय चौबे अमर रहे, भारतीय सेना जिंदाबाद एवम सैनिक संघ बक्सर जिंदाबाद के नारों से सारा इलाका गूंजता रहा ।