
*अंतर्राष्ट्रीय संत समागम के मुख्य अतिथि बने सर संघचालक मोहन भागवत**आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ अंतर्राष्ट्रीय संत सम्मेलन*सनातन संस्कृति समागम के दूसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय संत सम्मेलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमे देश भर से आये साधु-संतो ने भाग लिया और विश्वामित्र की तपोभूमि सिद्धाश्रम बक्सर को अपनी उस्थिति से पुनः सिद्ध किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवक संघ के सर संघचालक आदरणीय मोहन भागवत जी मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए। बक्सर सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अश्विनी चौबे ने उनका स्वागत किया और दीप प्रज्वलन के साथ साधु संतों के मंत्रोच्चार से कार्यक्रम की शुरुआत हुई।संघ प्रमुख ने इस वृहद् आयोजन शानदार बताते हुए माननीय मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे जी की तारीफ़ करते हुए कहा कि बक्सर भागवान श्री राम की कर्मभूमि है, इसके पावन महत्व के बारे में हमारे देश और सम्पूर्ण विश्व को जानना होगा। इस आयोजन से बक्सर को नई पहचान मिलेगी। मोहन भागवत जी ने सनातन संस्कृति समागम को अद्भुत आयोजन बताया महात्माओं एवं साधु संतों के आगमन से कोई भी भूमि पवित्र हो जाती है, फिर बक्सर की पावन धरा पर आना, माँ अहिल्या के धाम में आने का मुझे सौभाग्य मिला इसके लिए मैं आभारी हूँ।कार्यक्रम के संयोजक बक्सर सांसद माननीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मुख्य अतिथि एवं साधु संतो का स्वागत करते हुए बक्सर की पावन धरा को गौरवान्वित बताया साथ जी अपने उद्बोधन में उन्होंने श्रीराम कर्मभूमि में वामन भगवान का विशाल मन्दिर, भगवान राम की पराक्रमी प्रतिमा, भगवान राम पर शोध केंद्र एवं यज्ञशाला के निर्माण का संकल्प लिया। पद्मविभूषण जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी ने संत सम्मेलन में उद्बोधन देते हुए उपस्थित सभी संत-महात्माओं से राष्ट्रीय समस्याओं पर विचार व्यक्त कर सम्मेलन को सफ़ल बनाने का आग्रह किया और अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मन्दिर के लिए मोहन भागवत जी को धन्यवाद देते हुए श्रीराम कर्मभूमि की महत्ता को भक्तगणों से साझा किया।विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर. एन. सिंह ने मुख्य अतिथि मोहन भागवत एवं सभी साधु-महत्माओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।