
श्री रामलीला समिति,बक्सर के तत्वावधान में ऐतिहासिक किला मैदान में चल रहे 21 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव के दौरान बीसवें दिन शुक्रवार को नगर के बीचों बीच जमुना चौक पर रामलीला के प्रमुख प्रसंग “भरत मिलाप” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्धाटन सदर डीएसपी गोरख राम द्वारा फीता काटकर किया गया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अंचलाधिकारी श्रीमती प्रियंका राय, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी दीपचंद जोशी, नगर थानाध्यक्ष दिनेश मालाकार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उद्धाटन के पश्चात् समिति द्वारा सभी आगत अतिथियों को अंगवस्त्र के रुप श्रीराम का पट्टा ओढाकर सम्मान किया गया।उसके बाद वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध रामलीला मण्डल श्री श्यामा श्याम रासलीला संस्थान के स्वामी श्री नन्दकिशोर रासाचार्य जी के सफल निर्देशन में दिखाया गया कि रावण को मारने के पश्चात प्रभु श्री राम, अंगद सुग्रीव, विभीषण इत्यादि पुष्पक विमान पर सवार होकर अयोध्या पुरी के लिए प्रस्थान करते हैं । इधर प्रभु श्रीराम के आने की अवधि का एक दिन शेष रह जाने पर दुखी भरत मन में विचार करते हैं कि मेरे प्राणों का सिर्फ एक दिन शेष रह गया है, अगर मेरे स्वामी नहीं आते हैं तो मुझे जीने का कोई अधिकार नहीं है। मैं अपने प्राणों का परित्याग कर दूंगा। उसी समय हनुमान जी ब्राह्मण के वेश में भरत जी के पास आते हैं और उन्हें प्रभु श्री राम के आगमन की जानकारी देते हैं । भरतजी गुरु वशिष्ट सहित सभी को प्रभु के आने की खबर देते हैं । यह सुनकर नगरवासी खुशी से झूमने लगते हैं । अटांरियों से प्रभु की झलक पाने को स्त्रियां बेताब हो जाती है । भगवान की आरती व स्वागत के लिए माताएं थाल सजाने लगती है। इधर हनुमान जी भरत को समाचार देने के पश्चात प्रभु श्री राम के पास लौट कर आते हैं, और घर की कुशलता बताते हैं। श्री राम पुष्पक विमान पर बैठे हुए बंदर और भालू को दूर से ही अपनी जन्मभूमि दिखाते हुए उसका बखान करते हैं । नगर वासियों को अयोध्या पुरी के द्वार पर आते देख प्रभु अपनी पुष्पक विमान को नगर के बाहर ही उतारते है और पुष्पक विमान को लौटा देते हैं । गुरु वशिष्ट जी नगर के द्वार पर देखकर लक्ष्मण सहित श्री राम धनुष बाण छोड़ कर उनका चरण स्पर्श करते हैं । इधर भरत जी अपने प्रभु श्रीराम के चरणों से लिपट जाते हैं और प्रेमासुओं की धारा तीव्र रूप से चलने लगती है । श्री राम उन्हें चरणों से उठाकर गले लगाते हैं। शत्रुघ्न से गले लगते हैं। खुशी से सबकी आंखों से प्रेम आंसू झलकने लगता है और चारों तरफ जय श्री राम की गुंज उठ पड़ती है । सरयू का जल निर्मल हो जाता है और अवधपुरी के पशु पक्षी, पेड़ पौधे उत्साहित हो जाते हैं, पूरा माहौल खुशनुमा हो जाता है। इसके पूर्व मंचन करते हुए दिखाया गया कि भगवान श्रीराम का रथ नगर के कृष्णा सिनेमा रोड स्थित प्रदुमन जी के हाता से नगर भ्रमण करते हुए जमुना चौक पर मध्य रात्रि को पहुंचती है। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय मल्लाह टोली स्थित हनुमान मंदिर से भरत जी का रथ सड़क मार्ग से जमुना चौक पर पहुंचता है, जहां भरत मिलाप का दृश्य मंचित होता है । इस दौरान नगर के विभिन्न पूजा पंडालों द्वारा कुल अठारह आकर्षक लाग व झांकी निकाली गई। विभिन्न संस्थाओं द्वारा निकाले गये लाग और झांकी को भरत मिलाप आयोजन समिति के संयोजक तारकेश्वर प्र0 सर्राफ एवं सह संयोजक मूलचन्द सर्राफ उर्फ टुनटुन सर्राफ के तरफ से नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया । भगवान राम के रथ के नगर भ्रमण के दौरान नगर वासियों द्वारा जगह जगह भगवान का पूजन, आरती और स्वागत किया गया। इस प्रंसंग को देखकर दर्शक भावुक हो जाते है, और सभी के आंखों से प्रेमासु झलकने लगता है । वहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच से लगातार हो रहे जय श्रीराम के उद्घोष से पुरा क्षेत्र गुंजायमान होने लगता हैं। इस दौरान कार्यक्रम स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था । भरत मिलाप कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री तारकेश्वर प्रसाद सर्राफ उर्फ राम जी बाबू एवं संचालन श्री रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष सुरेश संगम ने किया। वहीं स्वागत भाषण एवं धन्यवाद ज्ञापन समिति के सचिव बैकुण्ठ नाथ शर्मा ने किया। इस मौके पर समिति के पदाधिकारियों में उदय सर्राफ उर्फ जोखन जी, रमेश वर्मा, विनय कुमार केसरी, पूर्व प्रत्याशी परशुराम चतुर्वेदी, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव श्रवण कुमार तिवारी, लायन डॉ अतुल मेहरोत्रा, सुमित मानसिंहका, करतार सिंह चौकी वाले, राजकुमार गुप्ता के अलावे समिति के अन्य पदाधिकारी व सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे