
वर्ष के प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 15 सौ 87 मामले- वाद का निपटारा के लिए बनाए गए थे कुल चौदह बेंच- लगभग चार करोड़ चार लाख उनचास हजार छः सौ उनचास रुपए के मुकदमों का कराया गया निपटाराजिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के तत्वावधान में आज शनिवार को वर्ष 2022 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री पुरूषोत्तम मिश्रा, प्रधान न्यायाधीश, व्यव्हार न्यायालय, बक्सर, श्री अविनाश शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मौके पर न्यायिक पदाधिकारी व कार्यालय कर्मचारी मौजूद रहे। लोक अदालत पूर्वाहन दस तीस बजे शुरू की गई। अपराह्न पाच बजे तक चले इस लोक अदालत में विभिन्न वाद के 15 सौ 87 मामले का निपटारा कराया गया। इस दौरान अपने संबोधन में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि, लोक अदालत सुलभ और एक ही दिन में मुकदमे के निपटारे का सुलभ रास्ता है। कोई भी व्यक्ति अपने वाद का निपटारा सुलह समझौते के माध्यम से करा सकता है। मंच संचालन कर रहे पैनल अधिवक्ता विष्णु दत्त द्विवेदी ने राष्ट्रीय लोक अदालत में सम्मिलित होने वाले सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन दिया। मौके पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह – सचिव, जिला प्राधिकार, बक्सर धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि लोक अदालत जनता की अदालत है जिसमे आपकी सहमति से ही आप के द्वारा किया गए मुकदमो को सुलह के आधार पर निपटारा करवाया जाता है। दोनो पक्षों के सुलह होने पर अवार्ड बनता है, जिससे दोनो पक्षो को दिया जाता है और एक कॉपी न्यायालय में भी रखा जाता है। आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के 11 सौ 89 व भारत संचार निगम लिमिटेड के 4 , आपराधिक 3 सौ 98 वाद, चेक बाउंस के 13, मोटर वाहन अधिनियम के 3, श्रम अधिनियम के 1, विद्युत वाद के 38 मामले का निपटारा कराया गया। जिले के विभिन्न बैंकों ने 1189 मामलों में हुए निष्पादन में इस दौरान चार करोड़ चार लाख उनचास हजार छः सौ उनचास रुपए की रिकवरी किया। मौके पर न्यायिक पदाधिकारी, राजेश कुमार त्रिपाठी, रिंकी कुमारी, डिम्पी कुमारी, छिपराचला अंजली, सीमा कुमारी, रमेश कुमार, राकेश रंजन सिंह, नितिन त्रिपाठी,अवनींद्र प्रकाश, हमजा आलम, पैनल अधिवक्ता आरती कुमारी,जितेंद्र कुमार सिन्हा, कुमार मानवेन्द्र,दीपिका केशरी, कुमारी अरुणिमा, कार्यालय कर्मी सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, सुन्दरम, मनोज, सुनील, सुमित, हरेराम, कवींद्र पाठक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।