जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर, सहायक कार्यपालक अभियंता नगर एवं ग्रामीण विद्युत विभाग, बक्सर कनीय अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर द्वारा उपस्थित विद्युत विभाग के अभियंता से जवाब तलब किया गया की किन कारणों से बक्सर नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति बाधित होते रहती है। प्रतिदिन घंटों तक पावर कट की समस्या से नगर वासियों एवं ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है।
अनुमंडल पदाधिकारी को विद्युत आपूर्ति से संबंधित बार-बार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसके जवाब में उपस्थित अभियंता ने बताया की आम जनता द्वारा इंडक्शन चूल्हा का प्रयोग बड़ी संख्या में, एयर कंडीशनर का इस्तेमाल एवं अत्यधिक गर्मी के कारण पंखा एवं कुलरों के अंधाधुंध प्रयोग के कारण ऐसी समस्या से नगर वासियों का सामना हो रहा है। अत्यधिक लोड के कारण विद्युत के तार जल जा रहे हैं।
अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा विद्युत विभाग को निदेश दिया गया कि विद्युत आपूर्ति में आने वाली तकनीकी खामियों को दूर करें। भविष्य में विद्युत आपूर्ति हेतु तारों का जाल बिछाने के क्रम में इस बात का ख्याल रखें कि अगले 10 या 20 वर्षों में बढ़ती जनसंख्या और उनकी विद्युत की मांग के आलोक में बढ़ते हुए लोड के गुणक में तारों की मोटाई एवं विद्युत करंट वहन क्षमता का निर्धारण किया जाए एवं ऐसे ही तारों को विद्युत आपूर्ति के लिए बिछाया जाए।
विद्युत विभाग के अभियंता द्वारा बताया गया की कभी-कभी विद्युत तारों और आपूर्ति के मेंटेनेंस के लिए शट डाउन लिया जाता है। इस पर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया की रूटिन मेंटेनेंस की योजना बनाकर विद्युत आपूर्ति एवं पावर कट का समय निर्धारित किया जाए और इसकी सूचना उपभोक्ताओं को मोबाइल के माध्यम से देते हुए शटडाउन लिया जाए। इस स्थिति में उपभोक्ता गण विद्युत आपूर्ति एवं पावर कट के समय को अच्छी तरह समझते हुए विद्युत आवश्यकता से संबंधित कार्यों का निष्पादन कर लेंगे एवं शटडाउन के समय विद्युत विभाग को लोक सहयोग भी प्राप्त हो सकेगा।
अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा यह भी निर्देश दिया गया कि विद्युत विभाग में कार्यरत लाइनमैन एवं अन्य कर्मियों जो दिन और रात्रि के समय विद्युत आपूर्ति संबंधी आवश्यक सेवा को निर्बाध रूप से चलने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं के लिए कुछ इंसेंटिव भी दिया जाना चाहिए।