आचार्य शिवपूजन सहाय आयोजक समिति के संयोजक एवं कारस्थपरिवार के प्रदेश संयोजक भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुमन कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आचार्य शिवपूजन सहाय की 63 वीं पुण्यतिथि श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता गोविंद सिंह एवं संचालन रजनीकांत गुप्ता के द्वारा किया गया
कार्यक्रम की शुरुआत उनके पैतृक गांव उनवांस में उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण करके की गई उसके पश्चात कायस्थ परिवार के जिला कार्यालय में उनके तैल्य चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके कृतियों को उजागर किया गया कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं के साथ-साथ पाहवा बेंच के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कवि धनु लाल प्रेमातुर ने अपने संबोधन में कहा कि सहाय जी कवि एवं पत्रकार के साथ-साथ उपन्यासकार भी थे जिन्होंने देहाती दुनिया बिहार का विहार वे दिन वे लोग आदर्श मौजी गोलमाल के अलावे कई गद्य पद्य एवं उपन्यासकार की रचना की है वही आचार्य शिवपूजन सहाय आयोजक समिति के संयोजक सुमन श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि सहाय जी कि जीवन निष्ठा साहित्य के प्रतीक था वह सचमुच हिंदी नवजागरण के एक बहुत ही अर्थमयी संवेदना वाले समर्थ लेखक थे जिनका हिंदी और भोजपुरी में बहुत अच्छी पकड़ थी जिनको 1960 में भारत सरकार के द्वारा पद्म भूषण की उपाधि से सम्मानित किया गया उक्त कार्यक्रम मुख्य रूप से विपिन लाल कपिल देव सिंह जयमंगल प्रसाद सुखदेव राय श्याम नारायण पाठक बबलू श्रीवास्तव सुनील सिंह मथुरा सिंह,विमल सिंह विनोद शुक्ला भोला सिंह अशोक पासवान महेंद्र मिश्रा मिहिर तिवारी कृतघ्न पाठक मार्कंडेय पाठक सुशील श्रीवास्तव मुन्ना सिंह छोटे लाल पाण्डेय सत्यनारायण मिश्र के अलावे कई समाजसेवी एवं कवि उपस्थित रहे।