बक्सर। पंचकोसी परिक्रमा के पांचवें और अंतिम दिन बक्सर के चरित्रवन क्षेत्र में आस्था और लोकपरंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने गोइठा (उपला) की आग पर लिट्टी-चोखा बनाकर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। त्रेतायुग से चली आ रही इस परंपरा का निर्वहन करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालु किला मैदान और चरित्रवन क्षेत्र में जुटने लगे थे।
पूरे इलाके में उपलों की आग से उठते धुएं ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु जहां जगह मिली, वहीं “अहड़ा” जलाकर लिट्टी सेंकने लगे। जैसे ही किसी की लिट्टी तैयार होती, तुरंत दूसरा व्यक्ति उसी स्थान पर अपनी लिट्टी सेंकने का इंतजाम कर लेता।
ग्रामीण इलाकों से आए श्रद्धालुओं की भीड़ दिनभर बनी रही। शाम ढलते ही शहरवासी भी परिवार सहित चरित्रवन पहुंचे और लिट्टी-चोखा बनाकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया। देर रात तक यह परंपरागत मेला उल्लास और आस्था के वातावरण में चलता रहा।
