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🔕 अनंत चतुर्दशी व्रत 31 अगस्त सोमवार 2020 को है🔕

इस वर्ष अनंत चतुर्दशी का व्रत 31 अगस्त सोमवार को पड़ रहा है।
अनंत चतुर्दशी व्रत हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है। यह दिन भगवान विष्णु के कई अवतारों का स्मरण कराता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चततुर्दशी का व्रत रखा जाता है। यह भगवान गणेश के विसर्जन का दिन भी होता है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी व्रत 31अगस्त सोमवार को है। पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी व्रत पड़ता है
। यह त्योहार उत्सव और भाईचारे की भावना का प्रतीक है। अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद बांह पर एक धागा बांधा जाता है। यह धागा या तो रेशम का या कपास हो सकता है और इसमें 14 गांठे होनी चाहिए। 

अनंत चतुर्दशी तिथि और मुहूर्त 

👉अनंत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 31 अगस्त 2020 सोमवार को प्रातः 8:31बजे से
👉चतुर्दशी समाप्त 1 सितंबर 2020 मंगलवार को प्रातः 8:46 तक।
👉अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त 
मध्यान्ह 11:46 थे 2:54 मिनट तक।

अनंत चतुर्दशी का महत्व 

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अनंत चतुर्दशी के त्योहार की जड़ें महाभारत से जुड़ी हैं। इस दिन को भगवान विष्णु से जुड़े होने के रूप में मनाया जाता है। स्वामी ने 14 लोकों, तल, अटल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भी, भुव, जन, तप, सत्य, मह का निर्माण किया। इनका पालन करने और उनकी रक्षा करने के लिए, वह 14 विभिन्न अवतारों के रूप में इस नश्वर दुनिया में आए, जिसने उन्हें अनंत होने का नाम दिया। इन अवतारों ने एक प्रमुख भूमिका निभाई। इसलिए, अनंत चतुर्दशी के दिन का बहुत महत्व है, क्योंकि आप स्वयं सृष्टि के स्वामी को प्रसन्न कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। 

 🌷 व्रत का महत 🌷 

इस दिन मनाया जाने वाला व्रत भी एक प्रमुख महत्व रखता है। यह सब भगवान विष्णु को खुश करने और आनंद व संतोष से भरा एक शाश्वत जीवन पाने के लिए किया जाता है। यह भी माना जाता है कि इस दिन उपवास के साथ, यदि कोई भी व्यक्ति विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करता है, तो उसकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। यह व्रत धन, प्रचुरता और समृद्धि को प्राप्त करने के लिए किया जाता है। पर्याप्त धन, खुशी और बच्चों आदि की इच्छा व्यक्ति को नश्वर अस्तित्व में आशीर्वाद पाने के लिए प्रेरित करती है। यह व्रत भारत के कई राज्यों में प्रचलित है। इस दिन भगवान विष्णु की लोक कथाएं परिवार के सदस्यों द्वारा सुनी जाती हैं। 

🙏 प्रो0 मुक्तेश्वर नाथ शास्त्री🙏
कर्मकांड केसरी याज्ञिक सम्राट्
चरित्रवन बक्सर

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