नगर परिषद द्वारा वर्ष 2026 से प्रतिवर्ष रावण वध कार्यक्रम का संपूर्ण खर्च वहन करने की घोषणा का रामलीला समिति ने किया स्वागत, मुख्य पार्षद कमरून निशा एवं चेयरमैन प्रतिनिधि नियामतुल्लाह फरिदी के प्रति जताया आभार।
नगर के ऐतिहासिक किला मैदान में श्री रामलीला समिति, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव के सत्रहवें दिन मंगलवार को भव्य रावण वध कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर रावण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन, रंग-बिरंगी कलात्मक आतिशबाजी तथा कोल्ड फायर और स्मोक फायर के आकर्षक नजारों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुतला दहन के साथ ही पूरा किला मैदान ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने विजयादशमी के प्रति नगरवासियों की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष रमेश गोयल ने की, जबकि संचालन समिति के सचिव बैकुंठनाथ शर्मा ने किया। समिति के कोषाध्यक्ष सुरेश संगम ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
45 फीट के रावण और 40 फीट के मेघनाद के पुतलों का हुआ दहन
रावण वध कार्यक्रम को लेकर ऐतिहासिक किला मैदान में दर्शकों की भारी भीड़ जुटी। मैदान में रावण का लगभग 45 फीट ऊंचा तथा मेघनाद का लगभग 40 फीट ऊंचा पुतला स्थापित किया गया था। दोनों पुतले अपनी भव्यता और आकर्षक सजावट के कारण लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे।
शाम 5:40 बजे प्रभु श्रीराम ने रावण के पुतले पर बाण चलाया। नाभि पर बाण लगते ही रावण का विशालकाय पुतला कलात्मक आतिशबाजी के बीच धू-धू कर जल उठा। इससे लगभग दस मिनट पूर्व 5.27 बजे लक्ष्मण जी द्वारा मेघनाद के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान रंग-बिरंगी रोशनी, धुएं और विशेष अग्नि प्रभावों ने पूरे मैदान को आकर्षक दृश्य से भर दिया।
पुतला दहन के साथ ही दर्शकों ने जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पूरा मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। कार्यक्रम जिला प्रशासन की निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीसीटीवी कैमरों की सहायता से संपन्न कराया गया।
रामलीला मंच पर हुआ मेघनाद वध और रावण वध का प्रभावशाली मंचन
पुतला दहन से पूर्व दोपहर दो बजे रामलीला मंच पर वृंदावन से पधारे श्री बाल कृष्ण रासलीला एवं रामलीला मंडल द्वारा स्वामी श्री मोहन श्याम भारद्वाज के निर्देशन में मेघनाद वध और रावण वध के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया।
मंचन में दिखाया गया कि कुंभकर्ण के वध के बाद भी रावण का अहंकार कम नहीं होता। वह अपने पराक्रमी पुत्र मेघनाद को युद्धभूमि में भेजता है, जहां लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भीषण युद्ध होता है। मेघनाद अपनी मायावी शक्तियों से लक्ष्मण जी को चुनौती देता है, लेकिन अंततः लक्ष्मण जी के बाण से उसका वध हो जाता है।
पुत्र मेघनाद की मृत्यु से रावण शोक और क्रोध से व्याकुल हो उठता है। मंदोदरी उसे प्रभु श्रीराम से वैर त्यागकर उचित मार्ग अपनाने की सलाह देती है, लेकिन रावण अपने अहंकार और हठ के कारण युद्ध करने का निर्णय लेता है।
इसके बाद प्रभु श्रीराम और रावण के बीच निर्णायक युद्ध का मंचन हुआ। जब रावण पर विजय प्राप्त करना कठिन हुआ, तब विभीषण ने उसकी मृत्यु से जुड़ा रहस्य बताया। विभीषण के मार्गदर्शन के अनुसार प्रभु श्रीराम ने रावण की नाभि पर बाण चलाया, जिससे रावण धराशायी हो गया। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों को संदेश दिया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है तथा सत्य और धर्म की सदैव विजय होती है।
रावण वध कार्यक्रम का खर्च वहन करने की घोषणा पर नगर परिषद के प्रति जताया आभार
इस अवसर पर समिति के सचिव बैकुंठनाथ शर्मा एवं संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी हरिशंकर गुप्ता ने नगर परिषद, बक्सर द्वारा वर्ष 2026 से प्रतिवर्ष रावण वध कार्यक्रम का संपूर्ण खर्च वहन करने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने इसे नगर की सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण और विजयादशमी महोत्सव के सुचारु आयोजन की दिशा में सकारात्मक पहल बताया।
और समिति की ओर से नगर परिषद की मुख्य पार्षद श्रीमती कमरून निशा एवं चेयरमैन प्रतिनिधि नियामतुल्लाह फरिदी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि रावण वध बक्सर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसके आयोजन में नगर परिषद का सहयोग मिलने से समिति को परंपरा को निरंतर बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
गणमान्य लोगों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष रमेश गोयल, सचिव बैकुंठनाथ शर्मा, संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी हरिशंकर गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुरेश संगम, लाइसेंसधारक कृष्ण कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष बबन सिंह, बासुकीनाथ सिंह, दिनेश सिंह, कमलेश्वर तिवारी, भाजपा नेता अमीत पाण्डेय, रेडक्रॉस के प्रदेश कोषाध्यक्ष दिनेश जायसवाल, रेडक्रॉस के सचिव डॉ. श्रवण कुमार तिवारी, उदय कुमार सर्राफ उर्फ जोखन, राजकुमार गुप्ता, राजेश चौरसिया, वृजमोहन सेठ सुशील मानसिंहका एवं प्रियेश सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, डीएसपी सहित जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी, प्रतिष्ठित व्यवसायी, समाजसेवी एवं मीडिया कर्मियों की उपस्थिति रही।
श्री रामलीला समिति, बक्सर के सचिव बैकुंठनाथ शर्मा ने जिले वासियों को असत्य पर सत्य की विजय होने की जिले वासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि रामलीला समिति द्वारा आयोजित इस भव्य रावण वध कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाने का संदेश दिया। विजयादशमी का यह आयोजन हमें स्मरण कराता है कि जीवन में सत्य, सदाचार, मर्यादा और धर्म का मार्ग ही सर्वोपरि है।