
वर्ष के अंतिम राष्ट्रीय राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 18 सौ 67 मामले- वाद का निपटारा के लिए बनाए गए थे कुल तेेरह बेंच04 करोड़ 84 लाख 57 हजार 318 रुपए के मुकदमों का कराया गया निपटाराजिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के तत्वावधान में आज शनिवार 12 नवंबर को वर्ष 2022 की चतुर्थ व अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अंजनी कुमार सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार तिवारी, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बबन ओझा, सचिव बिंदेश्वरी पांडे, पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक, जैलेंद्र कुमार वर्मा, व्यवहार न्यायालय, बक्सर, और उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मौके पर न्यायिक पदाधिकारी व कार्यालय कर्मचारी मौजूद रहे। माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बक्सर अंजनी कुमार सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, -सह- सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर धर्मेंद्र कुमार तिवारी, जिला बार एसोसिएशन, बक्सर के अध्यक्ष बबन ओझा, सचिव, बिंदेश्वरी पांडे, पंजाब नेशनल बैंक के एलडीएम जैनेंद्र कुमार वर्मा ने मंच का संचालन किया । लोक अदालत पूर्वाहन दस तीस बजे शुरू की गई। अपराह्न पाॅच बजे तक चले इस लोक अदालत में विभिन्न वाद के 1867 मामले का निपटारा कराया गया। इस दौरान अपने संबोधन में जिला न्यायाधीश ने कहा कि, लोक अदालत सुलभ और एक ही दिन में मुकदमे के निपटारे का सुलभ रास्ता है। कोई भी व्यक्ति अपने वाद का निपटारा सुलह समझौते के माध्यम से करा सकता है। मंच संचालन कर रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि इस अवसर को हम लोग एक राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाते हैं। हमारी दंत कथाओं के अनुसार एक बार सभी देवताओं ने आपस में इस बात को लेकर विवाद हो गया कि पहले किस देवता की पूजा हो। तब भगवान शंकर ने कहा कि जो देवता हमारी पृथ्वी का सम्पूर्ण परिक्रमा कर सबसे पहले मेरे समक्ष उपस्थित होंगे।उन्हीं की पूजा सबसे पहले होगी।यह बात सुनकर सभी देवता पृथ्वी की परिक्रमा पर निकल गया। मगर भगवान श्री गणेश ने अपने माता- पिता का वहीं खड़ा रह कर चारों ओर परिक्रमा कर यह सुनिश्चित कर दिया कि हमने पृथ्वी की परिक्रमा सबसे पहले कर ली। ठीक उसी प्रकार वाद के दोनों पक्षकार स्थानीय न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में अपने- अपने वादों को लेकर दौड़ते रहते हैं और उनके मुकदमे का निपटारा नहीं होता। यदि अपने मुकदमों का निपटारा करवाना चाहते हैं तो सीधे लोक अदालत में आए और एक ही दिन में अपने वादों का निपटारा सुलह के आधार पर करवाए। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन इस उद्देश्य से किया जाता है कि व्यवहार न्यायालय पर बढ़ रहे मुकदमों के बोझ को कम किया जा सके। साथ में लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना है। साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत में सम्मिलित होने वाले सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन भी उन्होंने दिया। उन्होंनें कहा कि लोक अदालत जनता की अदालत है। जिसमे आपकी सहमति से ही आप के द्वारा किया गए मुकदमो को सुलह के आधार पर निपटारा करवाया जाता है। दोनो पक्षों के सुलह होने पर अवार्ड बनता है, जिससे दोनो पक्षो को दिया जाता है।,और एक कॉपी न्यायालय में भी रखा जाता है। आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के 1559 व भारत संचार निगम लिमिटेड के 02 , खनन विभाग के 03, ग्राम कचहरी के एक , आपराधिक 154 वाद, चेक बाउंस के 03, मोटर वाहन अधिनियम के 04, श्रम अधिनियम के 0, विद्युत वाद के 83 मामले का निपटारा कराया गया। जिले के विभिन्न बैंकों ने 1559 मामलों में हुए निष्पादन में इस दौरान चार करोड़ 84 लाख 57 हजार 03 सौ 18 रुपए की रिकवरी किया। मौके पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मनोज सिंह, बिजेन्द्र कुमार, आशुतोष कुमार सिंह, अवर न्यायाधीश, संतोष कुमार, सीमा कुमारी, प्रधान मजिस्ट्रेट, राजेश कुमार सिंह, सुश्री गजला साहिबा, संजय कुमार सरोज, प्रीति आनंद, सुधा रानी, प्रियंका कुमारी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, कमलेश सिंह देवु आदि पैनल अधिवक्ता , आशुतोष कुमार ओझा, बृजेश कुमार त्रिपाठी, आरती राय, कंचन कुमारी, जितेंद्र कुमार सिन्हा, रानी तिवारी, प्रमोद मिश्रा, महेंद्र कुमार सिंह, बासुकी नाथ पाठक, शमशाद खान, चंद्रकला वर्मा, सुरेश प्रसाद, अखिलेश्वर दुबे, कार्यालय कर्मी सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, सुन्दरम, मनोज, अकबर, सुनील, सुमित, हरेराम, कवींद्र पाठक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।