
न लड़ेंगे न लड़ाएंगे, आपस मे ही सुलह कराएंगे।
अजादी का अमृत महोत्सव पर ङालसा बक्सर ने आज पारा विधिक स्वमसेवको एवं पैनल अधिवक्ताओं की गठित टीम के नेतृत्व मे,,न लङेगे और न लङाएगे ।आपस मे सुलह कराएगे ।।नारो के साथ जिला के सुदूर व्रती ग्रामीण क्षेत्रों मे जनजारूकता कार्य क्रम चलाया गया ।नालसा और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशन और माननीय जिला जज अंजनी कुमार सिंह सह अध्यक्ष के निर्देश के आलोक मे सचिव धर्मेंद्र कुमार तिवारी डालसा बक्सर के सफल नेतृत्व मे जिले के पिछङा, अति पिछङी,एवं अनुसूचित जाति जनजाति बाहुल्य गांवो बाबा राम का द्वरा, नियाजीपुर, सिमरी, राजपुर, डुमराँव, नेरी ङिहरा आदि मे नालसा के दस स्कीमों से अवगत कराते हुए ङोर टू ङोर जनजारूकता अभियान चलाया गया ।लोगों को जागरूक करते हुए उनके द्वारा कहा कि नालसा एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सभी नागरिकों विशेष कर जरूरत मंदो और गरीब लोगों को निकट ,सस्ता त्वरित न्याय प्रदान करके कानुनी सहायता, वितरण और नागरिकों को कानूनी रूप से सशक्त कर एक मजबूत ढांचा तैयार करने का एक भागीरथी प्रयास डालसा बक्सर कर रहीं हैं ।लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि बजकर प्राधिकार द्वारा मुफ्त कानुनी सलाह, कोर्ट फीस, अधिवक्ता पाने की पात्रता, पिङित मुआवजा अधिनियम, लोक अदालत, बालविवाह, मानव तस्करी, शिक्षा का अधिकार, बाल मजदूरी, लिंग जांच, भूर्ण हत्या, इत्यादि से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी एवं लाभ पाने का सुगम रास्ता बताते हुए कहा कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या आने पर वह जिला व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित फ्रंट कार्यालय मे जाकर मुफ्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं या स्थानीय पी एल वी का मदद ले सकते हैं ।
नागरिकों को जागरूक करते हुए अधिवक्ता ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पिङित मुआवजा अधिनियम बनाईं गई है पिङित पक्ष स्कीम के तहत अपराध से पिङितो, बेसहारो को सरकार की ओर से दि जाने वाली मुआवजा राशि का कानून सबसे अहम है ।इस स्कीम के तहत किसी भी अपराध के परिणाम स्वरूप हानी या नुकसान उठाने वाले वयक्ति या उनके आश्रितों को मुआवजा देने का प्रावधान है ।दुर्घटना के एक माह के अन्दर अंतरिम सहायता राशि देने का प्रावधान है जिसे अंतिम प्रतिकर मे समायोजित कर लिया जाएगा ।अबैध प्राण दंड एवं भीङ दवरा हत्या हो जानें पर 100000से 300000रू, भा द वि की धारा 320मे वर्णित घोर उपहति मे 100000से 200000,मनोवैज्ञानिक उपहति मे 10000से 25000,उपहति दवरा यदि पिङित का उपार्जन मे अक्षम हो जाने पर100000से 200000रू सरकार की ओर से दिया जाना है जिसका अधिसूचना सं एल जी 06_5/2018 के माध्यम से दिनांक 17-9-18 को सरकार के सचिव अखिलेश कुमार जैन के हस्ताक्षर से जारी किया गया है । जागरूकता कार्यक्रम मे व्यवहार न्यायालय के स्वमसेवको में शंकर दयाल वर्मा, मल्होत्रा जी, प्रभाकर मिश्रा, सत्रुघ्न सिंह, मो समसुद्दीन, सत्यम कुमार पाण्डेय, अखिलेश्वर कुमार सिंह, सरोज चौबे, नीतू कुमारी, अविनाश श्रीवास्तव, हरे राम यादव, आदि ने भी सकृय भुमिका निभाया ।