Sat. Sep 19th, 2026

मधुमक्खीपालन से मिलेगा युवाओं को रोजगार का अवसर-डीएओआत्मा,बक्सर द्वारा मधुमक्खीपालन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजनबक्सर: संयुक्त कृषि भवन,बक्सर के सभागार में दिन सोमवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण(आत्मा) की ओर से तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उदेश्य सुदूर ग्रामीण ईलाके के युवा एवं युवतियों को घर में ही बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक श्री मनोज कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में बेरोजगारी विकराल रुप धारण कर रही है। इस परिस्थिति में बेरोजगार युवक मधुमक्खीपालन को बेहतर रोजगार का जरिया बनाकर सशक्त जीविकोपार्जन का आधार बना सकते हैं। उन्होंने आत्मा द्वारा गठित समूह पर चर्चा करते हुए कहा कि समूह में मधुमक्खीपालन करने पर आकर्षक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। समूह के माध्यम से मधु की ब्रॉंडिंग कर अच्छे मूल्य पर इसकी बिक्री की जा सकती है। मधु की प्रोसेसिंग करने हेतु जिले के राजपुर प्रखंड स्थित रसेन ग्राम में शहद प्रसंस्करण इकाई भी लगाया गया है। आगे उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में मार्केट लेड एक्सटेंशन के तहत मधुमक्खीपालकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। सहायक निदेशक,उद्यान सूुपर्णा सिन्हा ने मधुमक्खीपालकों को लाभदायक टीप्स दिया। उन्होंने कहा कि इसके पालने से खेती में परागण द्वारा पैदवार में आशातीत बढ़ोतरी हासिल की जा सकती है। कृषि विज्ञान केन्द्र,बक्सर के विशेषज्ञ आरिफ परवेज ने बताया कि मधुमक्खीपालन में विशेष तौर पर पराग रस वाले पेड़-पौधे एवं फसल यथा सहजन, सरसों, करंज, तुलसी, तीसी,धनिया,शीशम इत्यादि के फूल से मधुमक्खियॉं मधु इकट्ठा करती है। इन मधु को प्रोसेसिंग यंत्र द्वारा प्रोसेस कर डिब्बाबंद कर बाजारों में बिक्री करने से अच्छी आमदनी होती हे। आगे उन्होने कहा कि एक मधुमक्खी परिवार में एक रानी मधुमक्खी तथा हजारों की संख्या में श्रमिक मधुमक्खी व लगभग 100-200 नर होते हैं। रानी मधुमक्खी का जीवनकाल दो से तीन वर्ष होता है। अनुकूल वातावरण में रानी मधुमक्खी एक दिन में अधिकतम लगभग1800 अंडे देती है। श्रमिक मधुमक्खी का जीवनकाल औसतन 6 से 7 सप्ताह होता है। इनका मुख्य कार्य शत्राुओं से अपने परिवार की रक्षा करना, अंडे की देखभाल करना, पराग इकट्ठा करना इत्यादि है। मधुमक्खीपालन से मोम भी पैदा किया जाता है। बाजारों मे इसकी अच्छी मांग है। शहद के औषधीय गुण पर चर्चा करते हुए प्रभारी उप परियोजना निदेशक विकास कुमार राय ने बताया कि इसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण होने के कारण इसके सेवन से मनुष्य के शरीर में एंटी ऑसीडेेंट तत्व में वृद्धि, पाचन क्रिया को दुरुस्त करना, नर्वस सिस्टम की कमजोरी को दूर करना, रक्तचाप का नियंत्रण इत्यादि है। उक्त आगामी तीन दिनों तक चलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!