

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को अपेक्षित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने में आमजनों द्वारा सामान्यत उदासीनता बरती जाती है। जिसका मुख्य कारण पुलिस केस में उलझने का डर होता है। यदि आम जनों के द्वारा सड़क दुर्घटना के 1 घंटे के अंतराल में जिसे सुनहरा समय कहते हैं पीड़ित को आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाती है, तो सड़क दुर्घटनाओं से प्रभावित व्यक्तियों में से अधिकांश पीड़ितों के जान की रक्षा की जा सकेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत अधिसूचना में यह स्पष्ट उल्लेखित है कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आए आगे आने हेतु अन्य नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा गुड सेमेरिटनो को उचित इनाम या मुआवजा दिया जाएगा। विगत में गुड सेमेरिटनों को सम्मानित करने का कार्य 15 अगस्त तथा 26 जनवरी जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवसों एवं राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह/माह के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान किया जाता रहा है। जिसके फलस्वरूप गुड सेमेरिटन बिना हिचक के इस कृत्य को करने के लिए आगे भी आ रहे हैं एवं उनकी संख्या साल दर साल बढ़ती ही जा रही है। अब तक गुड सेमेरिटनो को प्रोत्साहित करने हेतु उन्हें शाल, मोमेंटो, सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाता रहा है परंतु दिनांक 28 मई 2021 को माननीय मंत्री परिवहन विभाग-सह-अध्यक्ष, बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता में संपन्न परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं उसके आगे भी गुड सेमेरिटन को 5000/- (पांच हजार) रूपये मात्र पुरस्कृत राशि के रूप में प्रदान किए जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है।