बिहार सरकार आपदा प्रबंधन विभाग आगजनी से बचाव हेतु उपाय
क्या करें
1. स्टोव या लकड़ी, गोइठा आदि के जलावन वाले चूल्हे पर खाना बनाते वक्त सावधानी बरते। हमेशा सूती वस्त्र पहनकर ही खाना बनायें।
2. गेहूँ ओसनी का काम हमेशा रात में तथा गाँव के बाहर खलिहान में जाकर करें।
3. घर व खलिहान पर समुचित पानी व बालू की व्यवस्था रखें।
4. खाना पकाते समय रसोईघर में वयस्क मौजूद रहे. बच्चों को अकेला न छोडे।
5. खिडकी से स्टोव के बर्नर तक हवा न पहुँच पाए, इस बात की पूरी तसल्ली कर लें।
6. सरकारी सहायता पाने के उद्देश्य से जानबूझकर अपनी सम्पत्ति में आग लगाने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने में प्रशासन की मदद कर जागरूक नागरिक अवश्य बने।
7. तौलिये या कपड़े का इस्तेमाल सावधानी से गर्म बर्तन उतारने के लिए करे।
8. तैलीय पदार्थ से लगी आग पर पानी न डालें।
9. तैलीय पदार्थ से लगी आग पर पानी न डाले या सिर्फ बेकिंग सोडा, नमक डालें या उसे ढंक दें।
10. खिड़की के बाहर कोई चादर या तौलिया लटका दें ताकि बाहर लोगों को पता चल सके कि आप कहां है और आपको मदद चाहिए।
11. गैस चूल्हे का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद सिलिंडर का नाँब तुरंत बंद कर दें।
12. बिजली तारों एवं उपकरणों की नियमित जाँच करें।
13. घर में अग्निशमन कार्यालय तथा अन्य आपातकालीन नंबर लिखा हुआ हो और घर के सभी सदस्यों को इन नंबरों के बारे में पता हों।
14. आग लगने पर दमकल विभाग को फोन करें और उन्हें अपना पूरा पता बताये फिर दमकल विभाग जैसा कहे वैसा ही करें।
*क्या न करें*
1. बच्चों को माचिस या आग फैलाने वाले एवं अन्य सामानों के पास न जाने दें।
2. बीड़ी, सिगरेट, हुक्का आदि पीकर जहाँ-तहाँ न फेंके, उसे पूरी तरह बुझाने के बाद ही फेंके।
3. चूल्हा, ढिबरी, मोमबत्ती, कपूर इत्यादि जलाकर न छोडे।
4. अनाज के ढेर, फूस या खपडेल की झोपडी के निकट अलाव व डीजल इंजन नहीं चलाएं।
5. सार्वजनिक स्थलों, ट्रेनों एवं बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएँ।
6. आपके कपड़े में अगर आग लग जाए तो दौडना नहीं चाहिए बल्कि जमीन पर लेटकर गोल-गोल कर आग बुझावे।
7. खाना बनाने के समय ढीले-ढाले कपड़े न पहनें।
8. अग्नि दुर्घटना के दौरान कभी भी लिफ्ट का प्रयोग नहीं करे।
9. गैस की दुर्गंध आने पर बिजली के स्वीच को न छुऐ।
10. खाना पकाते समय रसोईघर में बच्चों को अकेला न छोडे।