बक्सर। नगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान स्थित विशाल रामलीला मंच पर श्री रामलीला समिति, बक्सर के तत्वावधान में 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव-2026 का शुभारंभ 4 अक्टूबर 2026, रविवार को जिउतिया पर्व के अवसर पर होगा। महोत्सव का आयोजन 4 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन दिन में श्री कृष्ण लीला तथा रात्रि में श्री रामलीला का भव्य एवं दिव्य मंचन होगा।
समिति के सचिव बैकुण्ठनाथ शर्मा एवं संयुक्त सचिव हरिशंकर गुप्ता ने संयुक्त रूप से बताया कि महोत्सव का उद्घाटन श्री श्री 1008 श्री स्वामी राजगोपालाचारी जी महाराज, महंथ श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा।
वृंदावन-मथुरा की प्रसिद्ध बाल कृष्ण रासलीला रामलीला मंडली द्वारा दिन में कृष्ण लीला तथा स्वामी मोहन श्याम भारद्वाज जी के निर्देशन में रात्रि में रामलीला का मंचन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा।
उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर को गणेश पूजन, शिव विवाह एवं नारद मोह, 5 अक्टूबर को मनु-शतरूपा तपस्या एवं रावण जन्म, 6 अक्टूबर को पृथ्वी पुकार, श्रीराम जन्म एवं नामकरण, 7 अक्टूबर को विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध तथा मारीच-सुबाहु वध, 8 अक्टूबर को अहिल्या उद्धार एवं नगर दर्शन, जबकि 9 अक्टूबर को सीता स्वयंवर एवं धनुष यज्ञ का मंचन होगा। 10 अक्टूबर को लक्ष्मण परशुराम संवाद व श्रीराम विवाह का भव्य आयोजन होगा।
इसी क्रम में आगे केवट प्रसंग, राम वन गमन, चित्रकूट वास, दशरथ मरण, भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, सीता की खोज, हनुमान जी का लंका प्रवेश, लंका दहन, विभीषण शरणागति, अंगद-रावण संवाद, राम-रावण युद्ध तथा रावण वध जैसे प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर रावण वध महोत्सव का विशेष आकर्षण रहेगा। इसके पश्चात 22 अक्टूबर को नगर के जमुना चौक पर भरत मिलाप तथा 23 अक्टूबर को नगर के श्री चन्द्र मंदिर पर श्रीराम का राज्याभिषेक होगा।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बक्सर की 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव पूरे बिहार में प्रसिद्ध है। रामलीला कार्यक्रम यहां की प्राचीन, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा की जीवंत पहचान है। आजादी से पूर्व से चली आ रही यह रामलीला वर्ष 1941 से स्थापित होकर श्री रामलीला समिति के माध्यम से निरंतर अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रही है। पीढ़ियों से बक्सर के लोग इस आयोजन से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। यह विजयादशमी महोत्सव नगर की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने नगरवासियों एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अपील की कि बच्चों एवं परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में रामलीला मैदान पहुंचकर श्रीराम एवं श्रीकृष्ण की लीलाओं का दर्शन करें तथा इस ऐतिहासिक धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दें।