
गरीब, असहाय, विधवा, महिलाओं को हर हाल में मिले कानूनी अधिकार : – अंजनी कुमार सिंह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय भवन विधिक सेवा सदन में आज दिनांक 09 दिसंबर 2021 को आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के सौजन्य से विधिक जागरूकता के माध्यम से महिला ससक्तिकरण विषय पर महिलाओं के कानूनी अधिकार पर गुरुवार को एक कार्यशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह- सचिव, जिला प्राधिकार धर्मेंद्र कुमार तिवारी द्वारा तीनों सेनाओं के प्रमुख आदरणीय विपिन कुमार रावत की असामयिक मौत पर दो मिनट का मौन उपस्थित लोगों के साथ रखा गया। उसके पश्चात कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह- अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अंजनी कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर महिला हेल्पलाइन की अधिवक्ता कंचन कुमारी एवं रीमा कुमारी ने रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित सभी पारा विधिक स्वयंसेविका, आशा महिलाओं को एवं अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर उन्हें घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज प्रथा उन्मूलन अधिनियम, महिलाओं को कार्यस्थल पर महिलाओं का शोषण अधिनियम, भरण पोषण अधिनियम, डायन प्रथा उन्मूलन अधिनियम, यौन शोषण से बालिकाओं के संरक्षण अधिनियम, के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह- अध्य्क्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं को कई अधिकार प्राप्त है। लेकिन महिलाओं को इसकी जानकारी नहीं है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा गरीब, असहाय, विधवा, महिलाओं को उनके कानूनी अधिकार मिले इसके लिए जिले के गांव-गाँव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार में स्थित प्रबंध कार्यालय , फ्रण्ट ऑफिस में भी उनके सहयोग के लिए एक पैनल अधिवक्ता और दो पीएलभी कार्यरत हैं। जो उनका मार्गदर्शन करते रहे है। ऐसी महिलाएं जो आर्थिक रूप से कमजोर हो वह सीधे सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के नाम से अपना आवेदन देकर विधिक सहायता प्राप्त कर सकती हैं। कोई भी महिला अपने कानूनी अधिकार से वंचित नहीं रहने पाए इसके लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कई पीड़ित महिलाओं और अबोध बालिकाओं को जो किसी दुर्घटना की शिकार हुई है उन्हें बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत मुआवजा राशि भी दी गई है। मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से आए महिलाओं ने कानूनी अधिकार को जाना और दूसरे महिलाओं में जागरूकता लाने का संकल्प लिया। मौके पर कार्यालय कर्मी सुधीर, दीपेश, संजीव, सुमित, सुनील, मनोज, अकबर, विधि सेविका अनीशा भारती, अंजू, मंजू, रुकैया, प्रीति, कंचन, मधुश्री, श्रद्धा, सीमा, आशा कार्यकर्ता नीतू देवी, मालती देवी, प्रमिला कुमारी, रिंकू देवी आदि राष्ट्रीय महिला आयोग अल्पा वास गृह की तरफ से कुमारी साधना एवं महिला हेल्प लाइन की ओर से रीमा कुमारी आदि मौजूद रहे।