बक्सर: विधिक सेवा प्राधिकार अधिनियम, 1987 के प्रावधानों के तहत आज बुधवार दिनांक 8 जुलाई 2026 को स्थाई लोक अदालत बक्सर में अध्यक्ष पद पर कार्यरत श्री प्रवीण कुमार सिंह श्रीनेत, अधिवक्ता सदस्य श्री माधव राय एवं श्री सुनील कुमार सिन्हा द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, बक्सर के परिसर में एक विशेष गोष्ठी , संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मुख्य रूप से आम जनता को निःशुल्क, सुलभ एवं शीघ्र न्याय दिलाने और स्थायी लोक अदालत के दायरे में आने वाले मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई।
संवेदीकरण कार्यक्रम के दौरान श्रीमती नेहा दयाल अवर न्यायाधीश -सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर ने बताया कि स्थायी लोक अदालत आम नागरिकों के लिए एक बेहद प्रभावी मंच है, जहाँ जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का निपटारा बिना किसी कोर्ट फीस के आपसी सहमति से कराया जाता है।
इन जनोपयोगी सेवाओं के विवादों का होगा निपटारा:
कार्यक्रम में श्री प्रवीण कुमार सिंह, श्रीनेत, अध्यक्ष , स्थाई लोक अदालत, बक्सर ने यह जानकारी दी कि आम नागरिक निम्नलिखित विभागों और सेवाओं से संबंधित अपनी शिकायतों को लेकर यहाँ आ सकते हैं:
बिजली एवं पानी विभाग: बिजली आपूर्ति, पानी की आपूर्ति और गुणवत्ता से जुड़े विवाद।
परिवहन व संचार: सार्वजनिक परिवहन (बस, ट्रेन), डाक सेवाएं और टेलीफोन (BSNL) से संबंधित मामले।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा: अस्पतालों द्वारा अधिक शुल्क वसूली या सेवाओं में कमी, और शिक्षा व शिक्षण संस्थानों से जुड़े विवाद।
बैंकिंग व बीमा: बैंक ऋण, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां, बीमा सेवाएं और बीमा दावों से संबंधित मामले।
अन्य सेवाएं: आवास और रियल एस्टेट (रेरा), वाटर व होल्डिंग टैक्स, सार्वजनिक स्वच्छता (कचरा निपटान), तथा वन और वन्य जीवन विभाग से जुड़े मामले।
प्री-लिटिगेशन मामलों पर विशेष ध्यान:
इसके अलावा, बैठक में कोर्ट में औपचारिक मुकदमा दर्ज होने से पहले के मामलों (प्री-लिटिगेशन) जैसे कि मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा (MACT) और अन्य ऋण संबंधी विवादों को भी इसी मंच के जरिए सुलझाने पर जोर दिया गया, ताकि अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम हो सके।
इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, श्रीमती नेहा दयाल , अवर न्यायाधीश ने बक्सर वासियों से अपील की कि वे अपने वादों के त्वरित और मुफ्त समाधान के लिए व्यवहार न्यायालय स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय से संपर्क कर इस व्यवस्था का पूरा लाभ उठाएं।