बक्सर। महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के बीसीए विभाग की ओर से सोमवार को “एआई ओरिएंटेशन एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में NexusAI के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI), प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा इसके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कार्यक्रम में NexusAI के सीटीओ पीयूष पांडेय एवं सीईओ प्रवीण पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल एक तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह शिक्षा, रोजगार और व्यावसायिक विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कौशल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से एआई को समझने के साथ-साथ इसके प्रभावी, रचनात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग को सीखने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. कृष्ण कांत सिंह ने अपने संबोधन में तकनीकी परिवर्तन की गति और ज्ञान के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक समय में जमीन को सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति माना जाता था, लेकिन आज के दौर में ज्ञान ही सबसे बड़ी संपत्ति बन चुका है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से विकसित होते स्वरूप का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों के लिए स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय उन विद्यार्थियों का होगा, जो पारंपरिक शिक्षा के साथ नई तकनीकों का ज्ञान भी अर्जित करेंगे।
बीसीए विभाग के समन्वयक डॉ. सैकत देबनाथ ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग को जेनरेटिव एआई के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने की महत्वपूर्ण तकनीक बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास के इतिहास पर चर्चा करते हुए चर्चित शोध-पत्र “Attention Is All You Need” का भी उल्लेख किया और विद्यार्थियों को एआई की तकनीकी पृष्ठभूमि से परिचित कराया।
NexusAI के सीटीओ पीयूष पांडेय ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की बारीकियों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि सही तरीके से प्रॉम्प्ट तैयार करने और एआई को स्पष्ट निर्देश देने की क्षमता किसी भी उपयोगकर्ता को एआई से अधिक सटीक एवं प्रभावी परिणाम प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रभावी प्रॉम्प्ट तैयार करने, आवश्यक निर्देश देने तथा जेनरेटिव एआई से बेहतर परिणाम प्राप्त करने की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
लगभग दो घंटे चले इस सेमिनार में बीसीए के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने एआई एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। महाविद्यालय के शिक्षकों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के आयोजन एवं व्यवस्थाओं में शिवम भारद्वाज का सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर अरुण कुमार ओझा, मधुसूदन जलवासी, यथार्थ राज सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। बीसीए के विद्यार्थियों ने सेमिनार में सक्रिय भागीदारी करते हुए जेनरेटिव एआई एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की नई संभावनाओं को समझा।
महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा उन्हें भविष्य के रोजगार एवं तकनीकी क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं|