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तम्बाकू के खिलाफ जिला प्रशासन चलाएगा सघन अभियान सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों पर होगी दण्डात्मक कार्रवाई।तम्बाकू उत्पाद के निर्माता थोक एवं खुदरा विक्रेता नहीं बेच सकेंगे बिना बोर्ड के तम्बाकू उत्पाद।अब शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में नहीं बिकेगा तम्बाकू उत्पाद बच्चों और अवयस्कों को तम्बाकू उत्पाद बेचने पर लगेगा जुर्माना।सीडस के द्वारा तम्बाकू नियंत्रण हेतु सभी पदाधिकारियों का किया गया संवेदीकरण बक्सर।जिला के सभी संबंधित अधिकारियों को तम्बाकू नियंत्रण के orientation के लिए राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्थाना सीडस और जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग के संयुक्त तत्वाधान में जिला पदाधिकारी बक्सर श्री अमन समीर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उन्मुखीकरण हेतु कार्यशाला आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी महोदय ने बताया कि तम्बाकू के दुष्परिणामों से बच्चों और अवयस्कों को बचाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया कि स्कूलों में इस कार्यक्रम का संचालन किया जाय और सभी शिक्षण संस्थानों के पास से तम्बाकू उत्पाद की दुकानों को यथाशीध्र हटाया जाय। इस आदेश के उल्लंधनकर्ताओं को कोटपा के विभिन्न धाराओं में दंडित किया जाएगा। जिला पदाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में कोटपा 2003 के विभिन्न धाराओं का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सीडस के कार्यक्रम पदाधिकारी श्री एडवर्ड के नेडी ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से तम्बाकू नियंत्रण के कोटपा 2003 के विभिन्न धाराओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि धारा-4 के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना दण्डनीय अपराध है। सार्वजनकि स्थानों के प्रभारी/मालिक हर प्रवेश द्वार एवं हर मंजिल में सुस्पष्ट स्थान पर 60X45 cm का सफेद पृष्ट भूमि का बोर्ड लगाना सुनिश्चित करेंगे। बोर्ड जिसमें 15cmbव्यास की 3cm चौडत्री लाल परिमिति होगी तथा उसके केन्द्र में काले धुएं के साथ सिगरेट अथवा बीड़ी का चित्र होगा। बोर्ड ने नीचे प्रभारी/मालिक (जिसके पास उल्लंधन की शिकायत की जानी है का नाम व फोन नम्बर लिखा हो यदि सार्वजनिक स्थान का मालिक/प्रभारी उल्लंधन करने पर कार्यवाही नहीं करता है तो उस पर व्यक्तिगत अपराधों की संख्या के समतुल्य जुर्माना लगाया जायेगा। सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट लाईटर एवं बीड़ी सिगरेट जलाने के लिए उपकरण, एश ट्रे उपलब्ध नहीं करवाये जायेंगे। तीस कमरों से ज्यादा वाले होटल, तीस व्यक्तियों से ज्यादा क्षमता वाले रेस्टोरेंट एवं एयरपोर्ट में अलग स्मोकिंग जोन बनाया जा सकता है लेकिन वह केवल कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही बनाया जा सकता है। उक्त नियमों के उल्लंधन पर 200 रूपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। धारा-5 के अनुसार तम्बाकू पदार्थो के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण तम्बाकू से कैंसर होता है प्रतिबंध है। तम्बाकू पदार्थो को बेचने वाली दुकान पर (60X40 cm) काले अक्षरों में सफेद पृष्ठ भूमि का बोर्ड लगा सकते है। जिसके उपरी भाग में 20×15 cm चौडे़ भाग पर तम्बाकू से कैंसर होता है लिखा होना चाहिए। उस बोर्ड पर सिर्फ तम्बाकू पदार्थो की सूची लगा सकते हैं। जैसे की बीड़ी, सिगरेट, गुटका एवं खैनी इत्यादि। तम्बाकू पदार्थों को बेचने वाली दुकान पर लगे बोर्ड पर कोई ब्रांड नाम, चित्र, रंगीन फोटो नहीं होनी चाहिए व वह बोर्ड चमकदार (बिजली युक्त) नहीं होना चाहिए। टेलीविजन व फिल्मों में तम्बाकू के दृश्यों को दिखाना अपराध हो सकता है। उक्त नियमों के उल्लंधन पर 01 से 05 साल की कैद व 1000 से 5000 रूपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। धारा-6 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के अव्यस्कों को तम्बाकू पदार्थ बेचना दण्डनीय अपराध है। बिक्री के स्थान पर नाबालिगों को तम्बाकू पदार्थ दिखाई नहीं देने चाहिए। बिक्री के स्थान पर एक बोर्ड लगाना आवश्यक है जिसमें लिखा को 18 वर्ष से कम आयु वर्ग को तम्बाकू पदार्थ बेचना दण्डनीय अपराध है व उस बोर्ड पर कैंसर युक्त फोटो होनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू पदार्थ बेचना दण्डनीय अपराध है। शिक्षण संस्थानों के प्रभारी को मुख्य प्रवेश द्वार पर एक बोर्ड लगाना आवश्यक है। जिसमें लिखा हो कि शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू पदार्थ बेचना दण्डनीय अपराध है। उक्त नियमों के उल्लंधन पर 200 रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है। धारा-7 के अनुसार बिना चित्रित व वैधानिक चेतावनी के तम्बाकू पदार्थ के पैकेट बेचना अपराधा है। यह चित्रित वैधानिक चेतावनी उपभोक्ताओं को बेचे जाने वाले प्रत्येक पैकेज के 85% मुख्य भागों पर स्पष्ट रूप से छपी होनी जरूरी है। चित्रित वैधानिक चेतावनी प्रतिवर्ष बदलनी आवश्यक है। यह चित्रित वैधानिक चेतावनी चबाने वाले और पीने वाले तम्बाकू पदार्थों के पैकेट पर अलग-अलग छपी होनी चाहिए। उक्त नियमों के उल्लंधन पर 02 से 05 साल की कैद व 1000 से 10000 रूपये का जुर्माना किया जा सकता है।

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