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सौरभ तिवारी ने कहा- चेयरमैन साहब, बक्सर की आत्मा को समझिए; धार्मिक स्थलों के विकास पर दीजिए विशेष ध्यान

बक्सर में लंबे समय से गंगा स्वच्छता अभियान चला रहे गंगा सफाई अभियान के प्रमुख एवं भाजपा नेता सौरभ तिवारी ने बक्सर नगर परिषद के मुख्य पार्षद से बक्सर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास को लेकर गंभीर सवाल पूछे हैं।

सौरभ तिवारी ने कहा कि बक्सर केवल एक नगर नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को अपने भीतर समेटे हुए तीर्थभूमि है। बक्सर की आत्मा धार्मिक है। इसलिए बक्सर के विकास की योजना बनाते समय यहां के धार्मिक स्थलों, घाटों, मंदिरों और उनसे जुड़े आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में “धर्म से अर्थ की प्राप्ति” का विचार केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यदि बक्सर के धार्मिक स्थलों का व्यवस्थित विकास हो, घाटों का सौंदर्यीकरण हो, स्वच्छता और यात्री सुविधाएं बढ़ें तो इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार तथा व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

 

रामरेखा घाट पर जमी सिल्ट को लेकर सवाल

 

सौरभ तिवारी ने रामरेखा घाट पर गंगा किनारे जमी सिल्ट और घाट की वर्तमान स्थिति को लेकर भी नगर परिषद के नेतृत्व से सवाल किया। उन्होंने कहा कि रामरेखा घाट बक्सर की धार्मिक पहचान और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना स्थानीय निकाय की प्राथमिक जिम्मेदारियों में होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नगर परिषद का नेतृत्व अभी तक बक्सर की वास्तविक आत्मा और उसकी धार्मिक-आर्थिक संरचना को पूरी तरह समझ नहीं पाया है। गंगा किनारे स्थित बक्सर में गंगा केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और जनजीवन का भी महत्वपूर्ण आधार है।

सौरभ तिवारी ने कहा कि मुख्य पार्षद का आवास भी गंगा के निकट है, इसलिए उनसे अपेक्षा है कि वे गंगा और बक्सर के घाटों की समस्याओं को और गंभीरता से समझेंगे। उन्होंने कहा कि बक्सर की गंगा, घाट और धार्मिक स्थल यदि उपेक्षा का शिकार होंगे तो इसका सीधा प्रभाव बक्सर की धार्मिक पहचान के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।

उन्होंने नगर परिषद से मांग की कि रामरेखा घाट सहित बक्सर के प्रमुख धार्मिक स्थलों की स्थिति का व्यापक निरीक्षण कर सिल्ट हटाने, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, यात्री सुविधाओं, घाटों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

सौरभ तिवारी ने कहा कि वे राजनीति से ऊपर उठकर बक्सर की धार्मिक विरासत, मां गंगा की स्वच्छता और नगर के समग्र विकास के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

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