
अभी शहर की जनता कोरोना काल के सदमे से उभरी भी नहीं है ऊपर से यह महंगाई खाद पदार्थों समय अनावश्यक वस्तुएं रोजमर्रा के सामानों में आग लग गई है जिला मुख्यालय अंतर्गत बाजारों में किराना दुकान पर खुदरा विक्रेता मनमानी समान में बढ़ोतरी कर अपनी जेब भर भरने में ताबड़तोड़ लगे हुए है इधर चुनाव मे सरकार व्यस्त है और महंगाई से जनता त्रस्त है सूत्रों के जानकारी के अनुसार अरहर दाल ₹80 बिकने वाला ₹105 किलो बिकरहा है चना दाल60से बढ़कर 75 ₹ किलो सरसो तेल ,105 से बढ़कर 125-140 ₹ के मूल्य पर , वही चना ₹50 से बढ़कर ₹60 किलो चायपत्ती ₹ 210 से ₹300 किलो बिक रही है ओर रिफाईन तेल 95 से 120 ₹किलो बिक रहा है,वहीं सब्जी के दामो मे बेहिसाब बुद्धि देखते हुए लग रहा है कि अब सब्जी खाना भी मुश्किल हो जाएगा आलू 30 से ₹35 किलो बिक रहा है ब्याज 20 से ₹60 किलो हो गया है टमाटर 40 में बिकने वाला 80 में बिक रहा है जबकि अनार ₹40 किलो बिक रहा है जो सब्जी के बराबर अनार का दाम हो गया है जो मिर्ची 20 से ₹30 केजी बिक रही थी आज 80 से ₹100 किलो बिक रही है जो लौकी ₹10 पीस बिकती थी वह आज 30 से ₹40 पीस बिक रही है जनता महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रही है पर इसकी सुनने वाला कोई नहीं है।